बिहार के चंद्रशेखर मंडल ने ‘डिजिटल लेबर चौक’ (मजदूरों का लिंक्डइन) बनाकर लाखों मजदूरों की जिंदगी बदल दी है। पढ़ें बिचौलियों को खत्म करने वाली यह कहानी। – महेन्द्र तिवारी क्या मजदूरों का भी लिंक्डइन हो सकता है? ये सवाल सुनकर कई लोग आश्चर्य से भौहें चढ़ा लेंगे। लेकिन बिहार के दरभंगा जिले के चंद्रशेखर मंडल ने न सिर्फ ये सवाल उठाया, बल्कि इसे हकीकत में बदल दिया। हर सुबह शहरों के चौकों पर खड़े उन मजदूरों की तस्वीर देखिए हाथों में हथौड़ा, कुदाल या सिर्फ इंतजार। घंटों धूप में पसीना बहाते हैं, लेकिन काम किसी और को मिल जाता…
Author: Devanand Singh
हथियारों की होड़: अस्थिर विश्व व्यवस्था और भारत की भूमिका -ः ललित गर्ग :- तेज होती हथियारों की होड़ और अस्थिर होती विश्व व्यवस्था आज मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर खड़ी है। दुनिया एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां युद्ध केवल सीमाओं पर लड़े जाने वाले संघर्ष नहीं रह गए हैं, बल्कि उनका प्रभाव पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा व्यवस्था, पर्यावरण, सृष्टि-संतुलन, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता तक पहुंच रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, ईरान और इजरायल के बीच हमलों का नया दौर, अमेरिका की रणनीतिक भूमिका, रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन-ताइवान…
नई दिल्ली में ‘महावीर जयंती’ के अवसर पर ‘लोक-धर्मोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन। विश्व शांति के लिए भगवान महावीर का संदेश और कार्यक्रम की पूरी जानकारी पढ़ें। युद्ध के माहौल में महावीर का शांति-दर्शन ज्यादा जरूरी: देवेन्द्र ब्रह्मचारी राष्ट्र संवाद संवाददाता नई दिल्ली, 23 मार्च 2026 आज जब दुनिया में युद्ध एवं हिंसा की विभीषिका में संपूर्ण मानवता पीड़ित एवं आहत है, ऐसे समय में भगवान महावीर के अहिंसा एवं शांति संदेश की ज्यादा जरूरत है। इस वर्ष महावीर जयंती के अवसर पर यही संदेश समूची दुनिया को एक युद्ध का अंधेरा नहीं, शांति का उजाला देगा। इसी भाव के…
‘पश्चिम एशिया संघर्ष’ पर पीएम मोदी के संसद में दिए गए वक्तव्य, कूटनीति, ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय एकजुटता पर देवानंद सिंह का सटीक विश्लेषणात्मक आलेख पढ़ें। देवानंद सिंह पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसद में दिया गया वक्तव्य केवल एक सरकारी प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके बयान में तीन स्पष्ट आयाम उभरकर सामने आते हैं कूटनीति पर जोर, आंतरिक तैयारियों का भरोसा और राष्ट्रीय एकजुटता का आह्वान। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रधानमंत्री ने साफ किया कि इस संकट का समाधान सैन्य शक्ति से…
‘अमेरिका और ईरान’ के बीच युद्ध ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। ऊर्जा संयंत्रों को नेस्तनाबूद करने की ट्रंप की चेतावनी और इजराइल पर ईरानी हमलों की पूरी रिपोर्ट पढ़ें। अराद (इजराइल), 22 मार्च (एपी) अमेरिका और ईरान द्वारा युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की धमकी के बीच रविवार को तेहरान और उसके सहयोगी लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने रविवार को इजराइल पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की नयी धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात…
सीसीएस ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति की रविवार को समीक्षा की और आम लोगों की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक…
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के मिल रहे घातक संकेत निशिकांत ठाकुर यकायक अमेरिका-इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर फिर किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई सहित उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी। फिर इस युद्ध को अब लगभग तीन सप्ताह से ऊपर हो गए हैं, लेकिन जंग थमने के बजाय बढ़ती ही जा रही है और इसकी आग खाड़ी के देशों में बुरी तरह फैल चुकी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियांन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक्स पर एक पोस्ट लिखकर तीन शर्तें रखी हैं कि अमेरिका और इजराइल को ईरान के अधिकारों…
शीर्षक: महंगाई की मार और मौन सत्ता आखिर कहां सोया है —–? देवानंद सिंह देश में महंगाई एक बार फिर आम आदमी की कमर तोड़ती नजर आ रही है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1000 रुपये के पार पहुंच जाना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा गहरा असर है। यह सवाल अब हर घर, हर गली और हर चौपाल में गूंज रहा है “जनता महंगाई की मार से करती हाहाकार, आखिर कहां सोया है —–?” एक समय था जब महंगाई को लेकर सड़कों पर आंदोलन होते थे, विपक्ष सरकार को घेरता था और…
छल की नींव, धोखे की दीवार: शोषण के शमशान पर खड़ी दुनिया मुंबई (इंद्र यादव) सत्ता, संपत्ति और रसूख की भूख में इंसान यह भूल गया है कि ‘धोखा’ ही वह दीमक है जो समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। आज के दौर में जिसे हम ‘स्मार्टनेस’ या ‘दुनियादारी’ कहते हैं, असल में वह नग्न शोषण है। जब एक इंसान दूसरे की सादगी को उसकी कमजोरी समझकर उसे ठगता है, तो वह केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक विश्वास की हत्या करता है। यह ‘छल’ ही वह बीज है, जो वक्त के साथ ‘तबाही की ज्वाला’…
योगक्षेम वर्ष: आचार्य महाश्रमण का धर्मक्रांति प्रयोग -ः ललित गर्ग :- आज का युग विज्ञान, तकनीक और भौतिक प्रगति का युग माना जाता है, लेकिन इसी के साथ यह युग तनाव, असंतोष, हिंसा, युद्ध और मानसिक अशांति का भी युग बन गया है। मनुष्य ने बाहर की दुनिया को जीत लिया, लेकिन अपने भीतर की दुनिया को जीत नहीं पाया। उसने साधन बना लिये, लेकिन साधना भूल गया; उसने सुविधा पा ली, लेकिन शांति खो दी। ऐसे समय में यदि कोई आध्यात्मिक आंदोलन मनुष्य को अपने भीतर की ओर लौटने का मार्ग दिखाता है, तो वह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं,…
