Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » छल और धोखा: शोषण की नींव पर खड़ी दुनिया की कड़वी सच्चाई
    अन्तर्राष्ट्रीय अपराध मेहमान का पन्ना राष्ट्रीय शिक्षा

    छल और धोखा: शोषण की नींव पर खड़ी दुनिया की कड़वी सच्चाई

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 23, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    छल और धोखा
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    छल की नींव, धोखे की दीवार: शोषण के शमशान पर खड़ी दुनिया

    मुंबई (इंद्र यादव) सत्ता, संपत्ति और रसूख की भूख में इंसान यह भूल गया है कि ‘धोखा’ ही वह दीमक है जो समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है।
    आज के दौर में जिसे हम ‘स्मार्टनेस’ या ‘दुनियादारी’ कहते हैं, असल में वह नग्न शोषण है। जब एक इंसान दूसरे की सादगी को उसकी कमजोरी समझकर उसे ठगता है, तो वह केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक विश्वास की हत्या करता है। यह ‘छल’ ही वह बीज है, जो वक्त के साथ ‘तबाही की ज्वाला’ बनकर फूटता है।

    धोखा: आधुनिक युग का सबसे बड़ा हथियार

    शोषण अब केवल कोड़ों की मार या बेगारी तक सीमित नहीं रहा। आज का शोषण ‘सफेदपोश छल’ है।
    मीठी जुबान, कड़वे इरादे: चेहरे पर मुस्कान और हाथ में छुरी लेकर अपनों और परायों को लूटना आज का नया चलन है।
    भरोसे का कत्ल: जब कोई अपनी मेहनत की कमाई, अपनी उम्मीदें और अपना भविष्य किसी के हाथ में सौंपता है और बदले में उसे ‘धोखा’ मिलता है, तो वह दर्द एक शांत ज्वालामुखी बन जाता है।
    याद रखिये, दबे हुए व्यक्ति की खामोशी ‘शांति’ नहीं, बल्कि आने वाले तूफान की आहट है।

    अतीत की राख में दबी चिंगारी

    इतिहास गवाह है कि किसी भी साम्राज्य का पतन बाहरी आक्रमण से उतना नहीं हुआ, जितना भीतर से पनपे ‘छल’ और ‘अन्याय’ से हुआ। आप जिसे आज ‘बीती बात’ कहकर दबा देना चाहते हैं, वह मृत नहीं हुई है।
    वह अपमान, वह धोखा और वह छल—इंसान के मरने के बाद भी उसके परिवार और समाज की स्मृतियों में ‘प्रतिशोध’ बनकर जीवित रहता है।
    जब यह दबी हुई चिंगारी फूटती है, तो वह न तो तर्क सुनती है और न ही दया दिखाती है। वह केवल तबाही लाती है।

    प्रकृति का क्रूर न्याय: अंत तो सबका तय है

    इंसान भूल जाता है कि वह मिट्टी का पुतला है। जिस दौलत और पद के लिए उसने अपनों को छला, गैरों को ठगा और समाज का शोषण किया, वह सब यहीं धरा रह जाएगा।
    मिट्टी की हकीकत: अंततः राजा और रंक, शोषक और शोषित—दोनों को एक ही मिट्टी में मिलना है।
    विरासत का जहर: आप अपने पीछे महलों की जगह नफरत की वह विरासत छोड़ जाते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को चैन से सोने नहीं देगी।

    समय का तकाज़ा

    छल और धोखे को ‘सफलता’ का मंत्र मानना बंद कीजिये। यदि समाज की नींव में अन्याय की ईंटें लगी हैं, तो वह इमारत एक न एक दिन ढहेगी ही। प्रकृति का नियम अटल है—जो आप बोएंगे, वही काटेंगे। आज का ‘छल’ कल का ‘विनाश’ है।

    “किसी के विश्वास को कुचलकर जीती गई जंग, हार से भी बदतर होती है। क्योंकि शरीर मर सकता है, पर धोखे की गूँज सदियों तक पीछा नहीं छोड़ती।”

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleरंगदारी मांगने एवं जान से मारने की धमकी मामले का खुलासा, 03 अभियुक्त गिरफ्तार
    Next Article महंगाई की मार: गैस सिलेंडर 1000 पार, सत्ता मौन क्यों?

    Related Posts

    बिहार में विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत: छात्रों की शिकायतों का 30 दिन में समाधान

    August 25, 2026

    विकसित भारत 2047: सरकारी स्कूल की जर्जर हालत सबसे बड़ा सवाल

    August 25, 2026

    निखार सबलोक हत्याकांड के बाद आसनबनी में पसरा सन्नाटा, जाताल बाबा स्थल विवाद की जांच तेज

    August 25, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हुदू में दो जाति वर्ग के बीच वर्षों से बढ़ती खाई*

    नारियल फोड़ने से नहीं, धरातल पर काम से होगा विकास : मीरा मुंडा

    बिहार में विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत: छात्रों की शिकायतों का 30 दिन में समाधान

    विकसित भारत 2047: सरकारी स्कूल की जर्जर हालत सबसे बड़ा सवाल

    लिव इन रिलेशन संस्कृति भगवान शिव की विवाह प्रथा का अपमान: सुनील आनंद

    त्योहार से पहले महंगाई का डबल अटैक, चीनी ₹70 और प्याज ₹60 पार

    पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कार्यकर्ताओं संग की विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

    सांसद बिद्युत बरण महतो की पहल से 11 वर्षीय रेवती का निःशुल्क सफल ऑपरेशन

    निखार सबलोक हत्याकांड के बाद आसनबनी में पसरा सन्नाटा, जाताल बाबा स्थल विवाद की जांच तेज

    श्रेष्ठ एनजीओ पुरस्कार से सम्मानित किए गए डॉ. दिग्विजय भारत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.