लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
पालघर/इंद्र यादव/मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई कोर्ट से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। 16 साल पुराने मर्डर केस का एक शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देकर कोर्ट परिसर से ही फरार हो गया है। इस घटना के बाद से मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है।
ठाणे जेल से लाया गया था कोर्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी का नाम अविनाश उर्फ अजय सोनी (उम्र 42 वर्ष) है। आरोपी अविनाश को पुलिस ठाणे जेल से वसई सेशन कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आई थी। लेकिन कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा के बावजूद, शातिर आरोपी ने पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंकी और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गया।
16 साल पुराना है मर्डर केस
पकड़ा गया आरोपी कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। उस पर साल 2009 में नालासोपारा पुलिस स्टेशन में हत्या (IPC धारा 302 और 34) का मामला दर्ज हुआ था (गुन्हा रजिस्टर नंबर 37/2009)।
16 साल तक रहा फरार: मर्डर की इस वारदात के बाद आरोपी पुलिस से बचता फिर रहा था।
एक साल पहले हुई थी गिरफ्तारी: MBVV पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक साल पहले ही इस वांटेड अपराधी को दबोचने में कामयाबी हासिल की थी।
पहचान बदलने में माहिर: आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए लगातार अपने नाम बदल रहा था। रिकॉर्ड के मुताबिक, वह अविनाश, विनय, विनोद और अजय लालता प्रसाद सोनी जैसे कई फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दुस्साहसिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बेहद संवेदनशील मामले (मर्डर केस) के आरोपी को कोर्ट लाते समय इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। कोर्ट के आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और शहर के बाहर जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही दोबारा सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

