Author: Devanand Singh

पीएम मोदी ने सूरी रैली में ‘बंगाल में घुसपैठ’ और बोगतुई नरसंहार को लेकर टीएमसी के ‘महाजंगल राज’ पर तीखा हमला बोला है। पूरी रिपोर्ट ‘राष्ट्र संवाद’ पर पढ़ें। सूरी, नौ अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अराजकता फैलाने और 2022 के बोगतुई नरसंहार का जिक्र करते हुए ‘महाजंगल राज’ फैलाने का आरोप लगाया, जिसमें बीरभूम जिले में लगभग 10 महिलाओं और बच्चों को जिंदा जला दिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी जिला मुख्यालय सूरी में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। भाजपा के घुसपैठ के मुद्दे को और धार देते हुए…

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IPS किशोर कुणाल: जब पटना SSP ने मुख्यमंत्री को कहा “इस मामले से दूर रहिए” राष्ट्र संवाद डेस्क पटना। बिहार पुलिस के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपनी सख्त छवि, निष्पक्ष कार्रवाई और साहसिक फैसलों के लिए आज भी याद किए जाते हैं। ऐसे ही चर्चित सुपर कॉप रहे IPS अधिकारी किशोर कुणाल, जिनकी कार्यशैली ने सत्ता के शीर्ष तक को असहज कर दिया था। 1983 में पटना में चर्चित “बॉबी हत्याकांड” ने पूरे बिहार को हिला दिया था। श्वेतानिशा त्रिवेदी उर्फ बॉबी, जो विधान परिषद से जुड़ी थीं, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हैरानी की…

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बोकारो में ट्रेजरी स्कैन में बड़ा खुलासा: दरोगा ने फर्जी वेतन के नाम पर हर महीने 15 लाख की निकासी की राष्ट्र संवाद संवाददाता बोकारो/रांची:झारखंड में ट्रेजरी स्कैन के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। बोकारो जिले में पदस्थ एक दरोगा पर आरोप है कि उसने मिलीभगत कर हर महीने करीब 15 लाख रुपये वेतन के नाम पर ट्रेजरी से निकासी की। यह राशि किसी भी आईएएस, आईपीएस या एडीजीपी स्तर के अधिकारी के वेतन से भी कहीं अधिक बताई जा रही है। मामले का खुलासा होते ही संबंधित…

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तमिलनाडु के ‘सत्तनकुलम कस्टोडियल डेथ’ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा। जयराज और बेनिक्स को मिले ऐतिहासिक न्याय पर ‘राष्ट्र संवाद’ का संपादकीय पढ़ें। राष्ट्र संवाद डेस्क तमिलनाडु (इंद्र यादव) मदुरै की अदालत का हालिया फैसला भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में एक मील का पत्थर बनकर उभरा है। सत्तनकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाना न सिर्फ एक कानूनी निर्णय है, बल्कि यह उस भरोसे की पुनर्स्थापना भी है, जो आम नागरिक कानून और व्यवस्था से अपेक्षा करता है। वर्दी, जो सुरक्षा और सेवा का प्रतीक मानी जाती है, जब भय और…

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फांसी दिवस पर मंगल पांडे : 1857 की क्रांति के जाज्वल्यमान नक्षत्र आज ‘मंगल पांडे फांसी दिवस’ पर पढ़ें 1857 की क्रांति के जाज्वल्यमान नक्षत्र की अमर शौर्यगाथा। जानिए बैरकपुर छावनी का वह ऐतिहासिक विद्रोह। (राष्ट्र संवाद) • प्रमोद दीक्षित मलय 29 मार्च, 1857। कलकत्ता से 22 किमी दूर भारत की सबसे बड़ी और प्लासी युद्ध के बाद सन् 1765 में स्थापित पहली सैन्य छावनी बैरकपुर छावनी में ईस्ट इंडिया कम्पनी की बंगाल इंफेंट्री रेजीमेंट की 34वीं वाहिनी के सिपाही सुबह नियमित परेड के लिए मैदान में वर्दी पहने अपनी बंदूकों सहित तैयार खड़े हैं। नायक के आदेश पर परेड…

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“मतदाता सूची पर सियासत: ‘बांग्लादेशी’ के नाम पर बहस, सच्चाई और जिम्मेदारी”*पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन के आंकड़ों ने छेड़ी नई राजनीतिक बहस, लेकिन सवाल सिर्फ राजनीति का नहीं संविधान, कानून और सामाजिक संतुलन का भी है* देवानंद सिंह पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर सामने आए ताजा आंकड़ों ने एक बार फिर देश की राजनीति को गरमा दिया है। खबरों के अनुसार लाखों नामों के सूची से बाहर होने की बात कही जा रही है, जिसे कुछ राजनीतिक वर्ग “बांग्लादेशी घुसपैठियों” के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे चुनावी…

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विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस -ललित गर्ग- विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दिव्य चेतना के जागरण का ऐसा अवसर है, जिसमें सामूहिक मंत्रोच्चारण से उत्पन्न होने वाली चमत्कारी और सिद्ध शक्तियां पूरे विश्व को आलोकित करने वाली हैं। “एक…

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आक्रामक बयानबाजी या राजनीतिक हताशा? कांग्रेस की नई रणनीति पर सवाल देवानंद सिंह भारतीय राजनीति में बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह बयान राजनीतिक विमर्श की मर्यादा से आगे बढ़कर विवाद का कारण बनने लगें, तो उनका असर दूरगामी हो सकता है। हाल के दिनों में कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व की ओर से दिए गए कुछ बयानों ने इसी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ताजा बयानों ने न केवल राजनीतिक तापमान बढ़ाया है, बल्कि कांग्रेस की रणनीति और उसके भविष्य को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।…

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क्या ‘सीबीआई का अधिकार क्षेत्र’ राजनीतिक खींचतान का शिकार हो गया है? राज्यों द्वारा सहमति वापसी और केंद्र-राज्य टकराव पर ‘राष्ट्र संवाद’ का विशेष आलेख। (जब जांच एजेंसी बन जाए राजनीति का केंद्र बिंदु) -डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के संघीय ढांचे में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का राज्य क्षेत्राधिकार एक ऐसा संवेदनशील और बहुपरतीय मुद्दा बन चुका है, जो केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक, संवैधानिक और नैतिक प्रश्नों को भी अपने भीतर समेटे हुए है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह विभिन्न राज्यों—विशेषकर विपक्षी शासित राज्यों—ने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति (जनरल कंसेंट) वापस ली…

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बिहार की औद्योगिक छलांग: लक्ष्य बड़े, राह चुनौतीपूर्ण देवानंद सिंह बिहार लंबे समय तक औद्योगिक पिछड़ेपन और पलायन की समस्या से जूझता रहा है। लेकिन अब राज्य सरकार ने जिस तरह से अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश और एक करोड़ रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, वह न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक बदलाव के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा प्रस्तुत आंकड़े और योजनाएं यह संकेत देती हैं कि बिहार अब अपनी पारंपरिक छवि से बाहर निकलकर औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने…

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