Author: Devanand Singh

लेखक: महेन्द्र तिवारीरणनीतिक कूटनीति: आधिकारिक मानचित्रण का महत्वअरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मानकीकृत भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्रण करना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक गहरी रणनीतिक कूटनीति का हिस्सा है। भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के संदर्भ में यह कदम विशेष महत्व रखता है। चीन अक्सर अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का नया नामकरण करता रहा है, जिसे वह अपना क्षेत्र बताता है और उस पर अवैध दावा करता है। इसके जवाब में भारत ने 21 भू-क्षेत्रों, 4…

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लेखक: ललित गर्गविश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन है जिसने मानव सभ्यता को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई। भारत के आदिवासी समुदाय केवल जनसंख्या का एक वर्ग नहीं हैं, बल्कि वे इस राष्ट्र की सांस्कृतिक स्मृति, पर्यावरणीय संतुलन, आध्यात्मिक संवेदना और स्वाधीनता चेतना के जीवंत प्रतिनिधि हैं। यदि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत की संकल्पना को वास्तविक अर्थों में साकार करना है, तो आदिवासी समाज को विकास का विषय नहीं, बल्कि विकास का सहभागी और नेतृत्वकर्ता बनाना होगा। भारत की विकास यात्रा तब तक…

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लेखक: महेन्द्र तिवारीअरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मानकीकृत भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्रण केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं है, बल्कि यह भारत-चीन सीमा विवाद के संदर्भ में एक गहरी रणनीतिक पहल का हिस्सा है। इस कदम से भारत ने अपनी संप्रभुता को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है और चीन की एकतरफा नामकरण नीति को खारिज किया है।अरुणाचल प्रदेश में आधिकारिक मानचित्रण का रणनीतिक महत्वअरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मानकीकृत भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्रण करना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक गहरी रणनीतिक कूटनीति का…

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लेखक: देवानंद सिंहIIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में दिया गया एक हल्का-फुल्का वाक्य “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा” छात्रों के बीच हंसी का कारण जरूर बना, लेकिन इस एक वाक्य के पीछे छिपा संदेश कहीं अधिक गंभीर है। प्रधानमंत्री ने दरअसल युवाओं के मन में चल रही भविष्य की बेचैनी, सपनों और संभावनाओं को सहज अंदाज में सामने रखा।IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह का महत्वदीक्षांत समारोह किसी विद्यार्थी के जीवन…

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लेखक: ललित गर्ग विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन है जिसने मानव सभ्यता को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई। भारत के आदिवासी समुदाय केवल जनसंख्या का एक वर्ग नहीं हैं, बल्कि वे इस राष्ट्र की सांस्कृतिक स्मृति, पर्यावरणीय संतुलन, आध्यात्मिक संवेदना और स्वाधीनता चेतना के जीवंत प्रतिनिधि हैं। विश्व आदिवासी दिवस का महत्व और चुनौतियाँ यदि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत की संकल्पना को वास्तविक अर्थों में साकार करना है, तो आदिवासी समाज को विकास का विषय नहीं, बल्कि विकास का सहभागी और नेतृत्वकर्ता…

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लेखक: देवानंद सिंहIIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक हल्का‑फुल्का वाक्य कहा – “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा”। इस वाक्य ने सभागार में हंसी तो पैदा की, लेकिन इसके पीछे छिपा गंभीर संदेश युवाओं के भविष्य और देश के निर्माण से जुड़ा है।IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह का संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में दिया गया एक हल्का-फुल्का वाक्य “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा” छात्रों के बीच हंसी का कारण जरूर बना,…

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लेखक: महेन्द्र तिवारीअरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मानकीकृत भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्रण करना केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक गहरी रणनीतिक कूटनीति का हिस्सा है। भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के संदर्भ में यह कदम विशेष महत्व रखता है। चीन अक्सर अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का नया नामकरण करता रहा है, जिसे वह अपना क्षेत्र बताता है और उस पर अवैध दावा करता है। इसके जवाब में भारत ने 21 भू-क्षेत्रों, 4 पर्वतीय दर्रों, 1 झील और…

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लेखक: इंद्र यादववाढवण बंदरगाह का निर्माण 76,200 करोड़ रुपये के विशाल बजट से दो चरणों में शुरू हो चुका है, जिससे भारत की समुद्री तस्वीर बदलने वाली है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) अब देश का सबसे व्यस्त बंदरगाह होने के बावजूद नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है। चेयरमैन गौरव दयाल ने बड़ी घोषणा की है कि इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण दो चरणों में पूरा किया जाएगा।वाढवण बंदरगाह: दो चरणों में निर्माण की समयसीमागौरव दयाल ने बताया कि पहले चरण का काम 2026 से 2030 तक पूरा होगा। उसके बाद दूसरे चरण में 2030 से 2033 तक…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताFilm Expo India 2026 का आयोजन आगामी 26 से 30 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा, जो भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक मंच साबित होगा।Film Expo India 2026: फिल्म इंडस्ट्री का पहला इंटीग्रेटेड ट्रेड एक्सपोफिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़ा बहुप्रतीक्षित Film Expo India 2026 आगामी 26 से 30 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। बॉलीवुड अभिनेता एवं निर्माता विंदू दारा सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर उन्हें एक्सपो के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।आयोजकों के…

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राष्ट्र संवाद संवाददाता, गम्हरिया गम्हरिया दुर्गा पूजा मैदान में शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो समेत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि निर्मल महतो ने झारखंड के लोगों के अधिकार, सम्मान और पहचान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक न्याय और वंचितों की आवाज को मजबूती देने के लिए भी लगातार सक्रिय रहे।…

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