आस्था, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है अयोध्या का दीपोत्सव: योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कार्यकाल में बीते वर्षों के दौरान अयोध्या में दीपावली का आयोजन भव्यता और दिव्यता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर अपने पोस्ट मे उन्होंने कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति दीपोत्सव के रूप में दिखाई देती है। दसवें भव्य और दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पूरी अयोध्या उत्साह और श्रद्धा से सराबोर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों के प्रज्वलन से शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की आस्था और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रामभक्त बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित कर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने को उत्सुक हैं।
अपनी पोस्ट मे योगी आदित्यनाथ कहते है कि दीपोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों के सपनों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपनी आस्था में भगवान श्रीराम की अयोध्या को उसके त्रेतायुगीन वैभव में देखने की अभिलाषा संजोए रखी।
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में प्रज्वलित होने वाला प्रत्येक दीप तुष्टीकरण के अंधकार पर आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान के उदय और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। दीपोत्सव भारतीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही देश-दुनिया में भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का संदेश भी प्रसारित कर रहा है।

