Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो वह प्रतीकात्मक संसद में ही रहें: शाह
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश खबरें राज्य से झारखंड बिहार राजनीति राष्ट्रीय

    अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो वह प्रतीकात्मक संसद में ही रहें: शाह

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 1, 2026Updated:November 1, 2026No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो वह प्रतीकात्मक संसद में ही रहें: शाह

    चंडीगढ़, एक नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश यह कभी नहीं भूलेगा कि उन्होंने 1984 के ‘सिख नरसंहार’ की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित किया।

    शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें पूरी जिंदगी ‘प्रतीकात्मक संसद’ में ही रहना चाहिए।

    चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झूठ बोलना, अराजकता और नकारात्मकता फैलाना तथा संसद की कार्यवाही चलने नहीं देना विपक्ष का असली स्वभाव है।

    वह यहां 258 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने रविवार को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘चलो दिल्ली’ रैली आयोजित की। यह रैली कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी।

    विपक्षी गठबंधन ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के लॉन में संसद की कार्यवाही जैसी व्यवस्था के बीच ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ का आयोजन किया था।

    विपक्ष ने उन पर मतदाताओं के नाम हटाकर चुनाव चोरी करने का आरोप लगाया और देशद्रोह के मामले में मुकदमा चलाकर जेल भेजने की मांग की थी। भाजपा ने इसे संसद का मजाक बताया था।

    शाह ने ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली का जिक्र करते हुए रविवार को कहा, ‘‘अगर आप नरसंहार के काले दिन पर कांग्रेस पार्टी के लिए जश्न मनाना चाहते हैं तो राहुल जी, आपकी ‘मोहब्बत की दुकान’ से नफरत के अलावा कोई कुछ नहीं ले पाएगा।’’

    शाह ने कहा कि कांग्रेस पिछले 15 साल से चुनाव हार रही है और पार्टी की नेता सोनिया गांधी का अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है।

    उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए उन्होंने एक नया रास्ता खोज लिया है। वे प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर रहे हैं। मैं राहुल जी से कहना चाहता हूं कि अगर आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो पूरी जिंदगी प्रतीकात्मक संसद में ही रहिए। भारत का प्रधानमंत्री बनने का आपका नंबर कभी नहीं आएगा।’’

    उन्होंने दिवाली के बाद रैली आयोजित करने की दिल्ली के व्यापारियों की अपील नहीं मानने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं पर भी निशाना साधा।

    शाह ने कहा, ‘‘दिल्ली के व्यापारियों ने उनसे हाथ जोड़कर अपील की थी कि रैली दिवाली के बाद आयोजित करें। उन्होंने कहा था कि पूरे साल में हमारे पास केवल एक दिन या एक सप्ताह ऐसा होता है, जब हमारा कारोबार अच्छा चलता है। अगर हम मिठाइयां खरीदकर रख लें और वे नहीं बिकें तो क्या होगा? हमें नुकसान होगा। अगर हम पटाखे खरीदकर रख लें और वे नहीं बिकें तो क्या होगा? हमें घाटा होगा।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘इन तीन-चार दिन में 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। पूरा उत्तर भारत दिवाली का सामान खरीदने के लिए दिल्ली के थोक बाजारों में आता है।’’

    शाह ने कहा, ‘‘लेकिन नहीं, जिस दिन सिख दंगे हुए थे, जिस दिन सिखों का नरसंहार हुआ था, उसी काले दिन उन्हें रैली करनी थी।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘अब मेरी बात याद रखना। अगले तीन चुनावों तक वहां आपका खाता नहीं खुलेगा।’’

    शाह ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा, “एक नवंबर 1984 को कांग्रेस पार्टी की ओर से भड़काए गए दंगों के दौरान दिल्ली में हजारों सिखों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।’’

    शाह ने कहा, ‘‘हजारों सिखों को जिंदा जला दिया गया। कई सिखों को अपने घर छोड़ने पड़े, कई बच्चे अनाथ हो गए, कई बहनें विधवा हो गईं और कई लोगों के घर जला दिए गए।’’

    केंद्रीय मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने (राजीव ने) कहा था कि ‘‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’’।

    शाह ने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी की इस टिप्पणी के बारे में कहा, ‘‘मैंने यह बयान टेलीविजन पर देखा था और इसे जीवनभर कभी नहीं भूल सकता।’’

    उन्होंने कहा कि हजारों सिखों की बेरहमी से हत्या को इस तरह बताना ऐसा काम है, जो केवल कांग्रेस के नेता ही कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘आज उनके बेटे राहुल गांधी ने 1984 के दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने के लिए दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित की।’’

    शाह ने कहा कि भाजपा ने संवाददाता सम्मेलन कर ‘इंडिया’ गठबंधन से एक, दो और तीन नवंबर को रैली आयोजित नहीं करने की अपील की थी, क्योंकि इन दिनों सिख-विरोधी दंगे हुए थे।

    उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमारे सिख भाइयों, माताओं, बहनों और बच्चों को गहरा दुख पहुंचा। इसके बावजूद वे अपनी जिद पर अड़े रहे। विदेश से उनकी पार्टी को उसी दिन रैली करने का आदेश दिया गया, जिस दिन हजारों सिखों को जिंदा जला दिया गया था।’’

    शाह ने कहा कि वह उनके इस दुर्भावनापूर्ण प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं और इसकी आलोचना करते हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पंजाब इसे कभी नहीं भूलेंगे।’’

    शाह ने कहा कि जब मोदी सरकार बनी तो उसने सिख-विरोधी दंगों से जुड़े सभी मामलों की जांच दोबारा शुरू करवाई।

    उन्होंने कहा, ‘‘हमने दंगा पीड़ितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और दंगों में शामिल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को जेल भिजवाया।’’

    उन्होंने कहा कि भारत ने इससे पहले कभी इस तरह के राजनीतिक रूप से भड़काए गए दंगे नहीं देखे थे और उम्मीद है कि देश को दोबारा ऐसे दंगे नहीं देखने पड़ेंगे।

    शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में शामिल हुए बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता
    Next Article पोटका में दो अलग-अलग रक्तदान शिविरों में 206 लोगों ने किया रक्तदान

    Related Posts

    20 दिन से टूटा आरटीपीएस का शेड, बारिश और धूप में खड़े होकर कर रहे इंतजार

    November 1, 2026

    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भाकपा का प्रतिरोध मार्च,

    November 1, 2026

    बूथों पर लगा विशेष शिविर, नाम जोड़ने व सुधार को लिए गये आवेदन

    November 1, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    20 दिन से टूटा आरटीपीएस का शेड, बारिश और धूप में खड़े होकर कर रहे इंतजार

    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भाकपा का प्रतिरोध मार्च,

    बूथों पर लगा विशेष शिविर, नाम जोड़ने व सुधार को लिए गये आवेदन

    उत्क्रमित मध्य विद्यालय मेघौल कन्या में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी आयोजित

    साइकिल पे संडे के 629वें रविवार को शामिल हुए हर्ल बरौनी के परियोजना प्रमुख

    बाइक की ठोकर से युवक की मौत।

    *नीलकंठ धाम में चिराग पासवान के जन्मदिन पर पूजा, दीर्घायु की कामना*

    सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर के बंद घर में चोरी, नकदी समेत लाखों की संपत्ति गायब

    विधान परिषद चुनाव की जीत सेमीफाइनल, आगामी चुनाव में बिहार से एनडीए का होगा सफाया: डॉ. तनवीर हसन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.