मायावती का चंद्रशेखर पर हमला, ईवीएम को लेकर भी उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने नगीना सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनकी 2024 की लोकसभा जीत को लेकर ईवीएम पर संदेह जताया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद ने नगीना सीट से 5,12,552 वोट हासिल कर 1,51,473 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
मायावती ने कहा कि बसपा लंबे समय से बैलेट पेपर से मतदान की पक्षधर रही है। उन्होंने चंद्रशेखर पर दलित युवाओं को आंदोलनों के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके राजनीतिक तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर भाजपा के हित में काम कर रहे हैं, हालांकि इस दावे का आधार स्पष्ट नहीं किया।
वहीं, 2024 में नगीना से जीत के बाद चंद्रशेखर आजाद की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता बढ़ी है और उनकी पार्टी को संसद में प्रतिनिधित्व मिला है। ऐसे में मायावती और चंद्रशेखर के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी को दलित राजनीति में नेतृत्व और प्रभाव को लेकर बदलते समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दोनों नेताओं की रणनीति और दलित मतदाताओं के बीच उनकी राजनीतिक पकड़ पर नजर रहेगी।

