पुलिस जिस दिन प्रभावी कार्रवाई का निर्णय लेगी, उसी दिन से सट्टा और ड्रग्स के कारोबार पर लगाम लग सकती है : सरयू राय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के बढ़ते कारोबार को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से उम्मीद जगी थी कि नेटवर्क की कड़ियां खुलेंगी और बड़े सरगनाओं तक पुलिस पहुंचेगी, लेकिन कार्रवाई अचानक रुक गई। इससे संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।
प्रेस कांफ्रेंस में सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं और परिवारों के भविष्य से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की लत अपराध को भी बढ़ावा दे सकती है और ऑनलाइन सट्टेबाजी डिजिटल माध्यमों के कारण युवाओं तक आसानी से पहुंच रही है। पुलिस को सट्टेबाजी नेटवर्क की साइबर जांच कर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
राय ने कहा कि सरगनाओं तक पहुंचना पुलिस का काम है। नागरिक और सामाजिक संगठन जागरूकता के माध्यम से पुलिस का सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहे तो ड्रग्स और सट्टे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
उन्होंने 2 अक्टूबर को साकची स्थित धालभूम क्लब में ‘सट्टेबाजी एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन’ आयोजित करने की जानकारी दी। इसके बाद जन-जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की बात कही।
इस दौरान सलमा नामक महिला ने अपने पति की हत्या का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके पति ड्रग्स के खिलाफ लोगों को जागरूक करते थे और उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि आरोपी जेल में हैं, लेकिन ड्रग्स का कारोबार अब भी जारी है। उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई।

