750 करोड़ के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े में ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
बिष्टुपुर आवास समेत आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में एक साथ तलाशी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। करीब 750 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और वित्तीय लेनदेन में अनियमितता की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईडी की टीमों ने सुबह करीब आठ बजे बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित आवास के अलावा बर्मामाइंस, जुगसलाई तथा आदित्यपुर-गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारोबारी प्रतिष्ठानों में तलाशी शुरू की।
सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम
ईडी के अधिकारी अलग-अलग टीमों में संबंधित परिसरों में पहुंचे। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस बल की तैनाती भी की गई। जांच के दौरान परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही। अधिकारियों ने कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री से संबंधित कागजात, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए जाने की सूचना है।

फर्जी कंपनियों के जरिए आईटीसी लेने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला कथित तौर पर बोगस कंपनियों के माध्यम से फर्जी बिलिंग, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। करीब 750 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की जांच की जा रही है। हालांकि, ताजा छापेमारी के संबंध में ईडी की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
55.66 करोड़ के पुराने मामले में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
ज्ञानचंद जायसवाल के खिलाफ इससे पहले 55.66 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जांच में मेसर्स जय भोलानाथ कंपनी, मेसर्स मां शारदा एंडेवर और मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से कथित तौर पर 22.31 करोड़ रुपये तथा मेसर्स केदारनाथ ट्रैक्सीन, ज्ञानदीप आयरन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विभ्रान स्क्रैप कंपनी से 33.35 करोड़ रुपये के गलत तरीके से आईटीसी लेने की बात सामने आई थी।
7 अगस्त 2025 को भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले 7 अगस्त 2025 को भी ज्ञानचंद जायसवाल से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। अब ईडी की ताजा छापेमारी के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ता नजर आ रहा है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

