खाकी पर वार! ठाणे में नाइट पेट्रोलिंग कर रहे पुलिस सब-इंस्पेक्टर की निर्मम हत्या, मचा हड़कंप!
राष्ट्र संवाद संवाददाता
इंद्र यादव/मुंबई/ठाणे शहर में इन दिनों अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं बचे हैं। ठाणे में अपराध का ग्राफ बेकाबू हो चुका है और शहर में एक के बाद एक हो रही हत्याओं ने आम जनता से लेकर पुलिस महकमे तक को हिला कर रख दिया है। अब जो सबसे ताजा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, उसने पूरे शहर में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? चितलसर पुलिस स्टेशन में तैनात 56 वर्षीय अनुभवी पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) किसान भोईर रात की ड्यूटी पर थे। इलाके में शांति बनी रहे और कोई गैरकानूनी काम न हो, इसलिए वह अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। रात के अंधेरे में अचानक कुछ बेखौफ और अज्ञात बदमाशों ने उन पर पत्थरों से जोरदार हमला कर दिया।
हमला इतना अचानक और भयानक था कि पत्थरों की तेज चोट से PSI किसान भोईर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान इस जांबाज अधिकारी ने दम तोड़ दिया। अपने फर्ज को निभाते हुए उन्होंने अपनी जान गंवा दी।
ठाणे में कानून व्यवस्था की स्थिति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। PSI की हत्या कोई इकलौती घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से पूरे ठाणे शहर में खूनी खेल चल रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार दिल दहला देने वाली खबरें आ रही हैं:
वागले एस्टेट में हत्या: हाल ही में वागले एस्टेट इलाके में सरेआम चाकूबाजी की खौफनाक वारदात हुई थी। आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में यहां सरेआम एक हत्या को अंजाम दिया गया था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
वर्तक नगर में खौफ: वर्तक नगर में भी अपराधियों ने कहर बरपाया था। कुछ समय पहले ही वहां भी छोटी सी बात पर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
राम नगर का खून-खराबा: राम नगर इलाका भी हत्याओं की इस आग से अछूता नहीं रहा। वहां भी गुंडागर्दी और मारपीट की घटनाओं ने एक जान ले ली थी।
त्यौहारों में भी हिंसा: इन सब के अलावा गणपति विसर्जन के दौरान भी कई जगहों पर गुटों में हिंसक झड़पें और चाकूबाजी की घटनाएं सामने आई थीं।
एक के बाद एक वागले एस्टेट, वर्तक नगर और राम नगर में हुई हत्याओं के बाद, अब सीधे एक पुलिस अधिकारी की निर्मम हत्या ने ठाणे पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। आम जनता में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। लोगों का सीधा सवाल है कि अगर हथियारबंद और वर्दीधारी पुलिस वाले ही अपनी जान नहीं बचा पा रहे हैं, तो आम आदमी रात के वक्त सड़कों पर कैसे सुरक्षित महसूस करेगा!
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पुलिस विभाग में गहरा सदमा है, लेकिन साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है।
बड़े अधिकारियों ने खुद मोर्चे को संभाल लिया है।
अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है।
बदमाशों को दबोचने के लिए ठाणे के कई ठिकानों पर पुलिस की टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही PSI के हत्यारों को सलाखों के पीछे डाला जाएगा। लेकिन ठाणे में अपराध की यह जो आंधी चल रही है, वह कब रुकेगी, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है।

