Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सांझा साहित्य मंच की काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के विविध रंग, कवियों ने माँ को किया नमन
    राष्ट्रीय शिक्षा

    सांझा साहित्य मंच की काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के विविध रंग, कवियों ने माँ को किया नमन

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 10, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    काव्य गोष्ठी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सांझा साहित्य मंच की काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के विविध रंग, कवियों ने माँ को किया नमन

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    करनाल, 10 मई 2026। सांझा साहित्य मंच की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन रविवार को सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय परिसर में हुडा वर्कर यूनियन कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र से आए साहित्यकार ओमबीर काजल ने की, जबकि संचालन कृष्ण कुमार निर्माण ने किया। मुख्य अतिथि अंग्रेज सिंह तथा विशिष्ट अतिथि दलीप खरैरा रहे।

    गोष्ठी में सामाजिक, धार्मिक और समसामयिक विषयों के साथ मातृत्व दिवस पर विशेष काव्य पाठ हुआ। कृष्ण कुमार निर्माण ने दोहों के माध्यम से कहा, “माँ ममता का रूप है, माँ है सकल जहान, माँ कल्पवृक्ष की छाया, माँ होती भगवान।” विभिन्न कवियों और शायरों ने माँ की महिमा, जीवन के संघर्ष, प्रेम और सामाजिक सरोकारों पर प्रभावशाली रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

    कार्यक्रम में सतविंद्र कुमार राणा, प्रवीण जन्नत, लाभ सिंह आर्य, गुरमुख सिंह वड़ैच, सुदेश कुमारी, डॉ. श्याम प्रीत, प्रीति सिंह, धर्मेंद्र अरोड़ा ‘मुसाफिर’, दिलबाग अकेला, नरेश लाभ, सुषमा चोपड़ा, वैभव काजल, गुलाब फक्कर और सुरेंद्र कल्याण सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाएँ सुनाईं।

    गोष्ठी के दौरान उपस्थित साहित्यकारों ने नगरपालिका एवं फायर कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। साथ ही देश में प्रेम, सहनशीलता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में अविराज सिंह, शिवम कृष्ण, समर्पिता कृष्ण और अन्य साहित्य प्रेमी भी उपस्थित रहे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबंगाल की हिंसा लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती | राष्ट्र संवाद
    Next Article बड़ा फैसलाःरेल जीएम से मिलेगा रेल यात्री संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल

    Related Posts

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    August 10, 2026

    सरयू राय ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की, सरकार से संवाद की अपील

    August 10, 2026

    मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण: जेन-जी आंदोलन और संवाद की जरूरत

    August 10, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    सरयू राय ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की, सरकार से संवाद की अपील

    मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण: जेन-जी आंदोलन और संवाद की जरूरत

    मोहन भागवत का बड़ा बयान: लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का वैध माध्यम, जेन-जी आंदोलन पर दृष्टिकोण

    कल्याण में कुत्ते का ‘एक-मैन आर्मी’ तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन अभी भी ‘सो रहा’ था!

    ब्रह्मदेव चौधरी: आजादी के गुमनाम नायक जिन्होंने अंग्रेजों की यातनाएं सहीं पर साथियों को नहीं दिया धोखा

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरयू राय बोले- संवाद से निकाले समाधान

    कल्याण में आवारा सफेद कुत्ते का तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन बेखबर

    हेमन्त सोरेन ने छात्र आंदोलन पर दिया आश्वासन, प्रशासन-पुलिस को सराहा

    हेमन्त सोरेन ने छात्र आंदोलन पर जताया भरोसा, कहा- मांगों पर होगी गंभीर कार्रवाई

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.