आयुर्वेद और नेत्र स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अरका जैन विश्वविद्यालय के ऑप्टोमेट्री विभाग के इक्षणा क्लब और भारतीय विवेक पीठ : सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स के संयुक्त तत्वावधान में “आयुर्वेद और नेत्र स्वास्थ्य” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ आईशा सुहैला ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी और अपनी बातें रखीं ।
उन्होंने अपने व्याख्यान में आयुर्वेद के दृष्टिकोण से नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलित आहार, उचित दिनचर्या तथा आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियाँ आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विभिन्न आयुर्वेदिक उपायों एवं जीवनशैली संबंधी सुझावों के माध्यम से नेत्रों की देखभाल के उपायों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो–वाइस चांसलर प्रो (डॉ) अंगद तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की समृद्ध परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है और इसे आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ जोड़कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय विवेक पीठ: सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स के समन्वयक डॉ मनोज कुमार पाठक ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद जैसी प्राचीन ज्ञान प्रणालियाँ आज भी मानव स्वास्थ्य और जीवन शैली के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
ऑप्टोमेट्री विभागाध्यक्ष प्रो सर्वजीत गोस्वामी ने भी उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए आधुनिक नेत्र चिकित्सा के साथ आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के समन्वय की उपयोगिता पर चर्चा की।
स्कूल ऑफ हेल्थ साइंस और स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज के डीन ने भी संबोधित किया।
संगोष्ठी में छात्रों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ और प्रतिभागियों को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से नेत्र स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

