Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » न्याय का विस्तार ही लोकतंत्र की असली कसौटी | राष्ट्र संवाद
    अपराध संपादकीय

    न्याय का विस्तार ही लोकतंत्र की असली कसौटी | राष्ट्र संवाद

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 13, 2026Updated:April 13, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    महिला आरक्षण
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    न्याय का विस्तार ही लोकतंत्र की असली कसौटी

    देवानंद सिंह
    भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह कथन कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानूनों की कमी नहीं, बल्कि न्याय तक आम लोगों की सीमित पहुंच है वास्तव में हमारी न्यायिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना को उजागर करता है। एक ओर जहां भारत में अधिकारों और कानूनों का मजबूत ढांचा मौजूद है, वहीं दूसरी ओर इन अधिकारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच पाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
    आज न्याय केवल अदालतों तक सीमित एक औपचारिक व्यवस्था बनकर रह गया है, जबकि उसका वास्तविक उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर कमजोर और वंचित तबकों तक सुलभ होना चाहिए। दूरी, देरी और जटिल प्रक्रियाएं आम नागरिक को न्याय पाने की राह में हतोत्साहित करती हैं। पर्वतीय राज्यों जैसे उत्तराखंड में भौगोलिक कठिनाइयां इस समस्या को और गंभीर बना देती हैं, जहां न्याय तक पहुंच केवल कानूनी नहीं बल्कि भौतिक चुनौती भी है।
    सीजेआई का यह जोर कि “न्याय का अस्तित्व नहीं, उसकी उपलब्धता महत्वपूर्ण है” न्यायपालिका के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश है। न्याय की सफलता का मापदंड केवल बड़े और चर्चित मामलों का निपटारा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में आम नागरिक को मिलने वाला न्याय होना चाहिए। यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
    इस संदर्भ में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र—जैसे लोक अदालत, मध्यस्थता और प्री-लिटिगेशन सुलह—महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज और सस्ता बनाते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी बनाए रखते हैं। साथ ही, ‘न्याय मित्र’ जैसे डिजिटल और स्थानीय पहल न्याय को लोगों के दरवाजे तक ले जाने की दिशा में सराहनीय प्रयास हैं।
    हालांकि, केवल योजनाएं और पोर्टल बनाना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरत है व्यापक जागरूकता, प्रभावी क्रियान्वयन और संस्थागत संवेदनशीलता की। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को यह विश्वास नहीं होगा कि न्याय सुलभ और निष्पक्ष है, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी ही रहेगी।
    अंततः, न्यायपालिका और शासन तंत्र को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि न्याय केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन में वास्तविक रूप से उतर सके। क्योंकि एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान उसके कानूनों से नहीं, बल्कि उन कानूनों के प्रभावी और समान क्रियान्वयन से होती है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleस्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार: ‘सेवा’ नहीं, ‘सौदेबाजी’ | राष्ट्र संवाद
    Next Article किशोर आक्रामकता: युवाओं में बढ़ती हिंसा और समाधान | राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    जमशेदपुर: शेयर मार्केट में नुकसान से तनाव, बीटेक छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

    April 17, 2026

    महिला आरक्षण बिल: लोकतंत्र के संतुलन पर त्वरित टिप्पणी | राष्ट्र संवाद

    April 17, 2026

    अमरावती कांड: 180 बच्चियों का आरोपी मना रहा जश्न | राष्ट्र संवाद

    April 17, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    न्याय जगत में शोक की लहर: वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन गोप का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार

    न्याय जगत में शोक की लहर: वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन गोप का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

    महिला आरक्षण बिल को रोकना देश की आधी आबादी के सपनों को कुचलने जैसा कुलवंत सिंह बंटी

    झारखंड में बड़ा पुलिस फेरबदल: कई आईपीएस व पुलिस अधिकारियों का तबादला, जमशेदपुर नगर एसपी बने ललित मीणा, ग्रामीण एसपी बने शुभम कुमार खंडेलवाल

    राजीव रंजन बने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, झारखंड में 17 IAS अधिकारियों का तबादला

    जमशेदपुर: शेयर मार्केट में नुकसान से तनाव, बीटेक छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

    उपायुक्त ने जन शिकायत निवारण दिवस में नागरिकों की समस्याएं सुनी, कई आवेदनों का ऑन द स्पॉट समाधान, लंबित आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

    पलाशबानी पंचायत समिति सदस्य पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग 

    बागबेड़ा कॉलोनी में डोर-टू-डोर कचरा उठाव सेवा शुरू, लोगों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

    जमशेदपुर के बिरसानगर में पीएम आवास योजना के आवंटन में हो रही देरी पर विधायक पूर्णिमा साहू ने विधायक कल्पना सोरेन से की मुलाकात

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.