कांग्रेस मंत्रियों की कुर्सी खतरे में? दिल्ली बैठक से तय होगा झारखंड मंत्रिमंडल का भविष्य
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची।झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे से लौटते ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। राजनीतिक गलियारों में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की कुर्सी का फैसला अब दिल्ली में होने जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आज एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें झारखंड कांग्रेस के नाराज विधायकों द्वारा की गई शिकायतों पर गंभीर मंथन होगा। सवाल साफ है—क्या मौजूदा कांग्रेस कोटे के मंत्री बने रहेंगे या उनकी जगह नए चेहरों को मौका मिलेगा?
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कांग्रेस विधायकों ने अपने ही मंत्रियों के खिलाफ पार्टी आलाकमान से शिकायत की थी। इसी के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने मंत्रियों को दिल्ली तलब किया है, जहां उनसे सवाल-जवाब होने की संभावना है। ऐसे में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल में कांग्रेस कोटे के कुछ मंत्रियों को अपनी सीट गंवानी पड़ सकती है।
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस और लंदन की सफल यात्रा के बाद रांची लौट आए हैं। रांची एयरपोर्ट पर उनका और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन का भव्य स्वागत किया गया। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और लंदन में विभिन्न अहम कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर झारखंड की उपस्थिति से विकास के नए द्वार खुलेंगे।
हालांकि मुख्यमंत्री की वापसी के साथ ही अब सभी की निगाहें झारखंड मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार पर टिकी हैं। राजनीतिक चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुप्पी भी सियासी हलकों में कई संकेत दे रही है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस विधायकों की नाराजगी और आलाकमान तक पहुंची शिकायतें ही झारखंड मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की सबसे बड़ी वजह बनती नजर आ रही हैं। अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी है, जहां से झारखंड की राजनीति को नई दिशा मिल सकती है।

