यूसील में वर्षों से जमे अधिकारियों की होगी रोटेशन, पर्सनल विभाग ने जारी किया आदेश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा।यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) में एक ही पद पर वर्षों से जमे अधिकारियों की अब खैर नहीं है। यूसील प्रबंधन ने संवेदनशील पदों पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारियों को रोटेट करने का आदेश जारी किया है। यह नोटिस यूसील के पर्सनल अधिकारी राकेश कुमार द्वारा जारी किया गया है, जिसे सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को भेज दिया गया है।
राकेश कुमार ने बताया कि निर्देश के तहत तीन साल से अधिक समय से संवेदनशील पदों पर कार्यरत अधिकारियों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसी क्रम में यूसील के नरवा पहाड़ स्टोर के अधिकारी अशोक कुमार रथ का छह माह के भीतर पुनः तबादला कर उन्हें जादूगोड़ा स्थित संपदा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है, जहां उन्होंने योगदान भी कर लिया है। इससे पूर्व वे जादूगोड़ा में कंपनी सेक्रेटरी के अधीन कार्यरत थे, जहां से उनका तबादला किया गया था।
बताया जा रहा है कि अशोक कुमार रथ, यूसील के पूर्व सीएमडी दिवाकर आचार्य के कार्यकाल में सीएमडी के पीए के पद पर भी रह चुके हैं और अब तक उनका पांच बार तबादला हो चुका है। वहीं दूसरी ओर, यूसील के वर्तमान सीएमडी के पीए सुरोजित दास करीब 20 वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं, जिसको लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरोजित दास भी प्रबंधन की रडार पर हैं और यह देखना अहम होगा कि सीएमडी उनके मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
लगातार ‘राष्ट्र संवाद’ द्वारा यूसील में वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर खबरें प्रकाशित की जा रही थीं, जिनमें ऐसे अधिकारियों के कारण यूसील की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई थी। इन्हीं खबरों के बाद यूसील प्रबंधन ने सीएमडी के निर्देश पर रोटेशन संबंधी आदेश जारी किया है।
इस आदेश के जारी होने के बाद यूसील कर्मियों में खुशी का माहौल है। कर्मियों का कहना है कि एक ही पद पर लंबे समय तक टिके रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और यही कारण है कि यूसील के कई अधिकारियों पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, जिससे कंपनी की साख को नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों के अनुसार, रोटेशन आदेश के बाद लेखा विभाग, स्टोर विभाग और परचेज विभाग के कई अधिकारी भी रडार पर हैं। जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ और तुरामडीह में कई अधिकारी 18 से 20 वर्षों से एक ही पद पर पदस्थ हैं, जिन्हें हटाने की मांग पहले भी उठती रही है। इसी क्रम में लेखा विभाग की अधिकारी निराली चौहान का तबादला जादूगोड़ा से तुरामडीह किया जा चुका है।
वहीं यूसील सीएमडी के पीए सुरोजित दास को हटाने की मांग को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने प्रधानमंत्री कार्यालय तक पत्र लिखा है और इस मुद्दे पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी किया था।
कई वरीय अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। यूसील में “एक आंख में सुरमा और दूसरी आंख में भस्म” जैसी कार्रवाई से न केवल कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि अधिकारियों के मनमाने रवैये के कारण कंपनी के उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

