यूसिल कॉलोनी में करोड़ों के टेंडर के बावजूद सफाई बदहाल, मार्केट कॉम्प्लेक्स के पीछे गंदगी का अंबार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:यूरैनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) कॉलोनी की सफाई व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां हर वर्ष करोड़ों रुपये के टेंडर सफाई व्यवस्था के नाम पर जारी किए जाते हैं, वहीं हकीकत इससे कोसों दूर नजर आ रही है। कॉलोनी के करीब 1400 क्वार्टरों में कंपनीकर्मी और उनके परिजन निवास करते हैं, परंतु कॉलोनी की स्वच्छता व्यवस्था का हाल यह है कि यूसिल मार्केट कॉम्प्लेक्स के पीछे कचरे का अंबार लगा हुआ है। महीनों से डस्टबिन ओवरफ्लो है और नीचे चारों ओर कूड़ा फैला पड़ा है। इस ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई सिर्फ उन रास्तों तक सीमित है जहां से यूसिल के वरिष्ठ अधिकारी – अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. एस.के. सतपति, वित्त निदेशक विक्रम केसरी दास और तकनीकी निदेशक मनोज कुमार का आना-जाना होता है। वहीं कॉलोनी के अन्य हिस्सों में कचरा बिखरा पड़ा रहता है, जिससे गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना रहता है। प्रशासनिक लापरवाही और संवेदक की अनदेखी से परेशान लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सफाई के लिए हर साल बड़ी राशि खर्च की जाती है, तो फिर कॉलोनी की स्वच्छता व्यवस्था इस हाल में क्यों है?

अब देखना यह है कि यूसिल प्रबंधन और संवेदक की नजर मार्केट कॉम्प्लेक्स के पीछे की गंदगी पर कब जाती है और इस दिशा में व्यवस्थित सफाई कब तक सुनिश्चित की जाती है। यह विषय न केवल यूसिल कॉलोनी की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि इससे जुड़ी जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।


