श्रम कोड के खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी बंदी, जमशेदपुर में निकला मशाल जुलूस
संयुक्त ट्रेड यूनियनों और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर :देशभर में लागू किए गए चार नए श्रम कोड के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी बंदी का आह्वान किया है। बंद को तमाम विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है। इसके तहत मंगलवार शाम जमशेदपुर में ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय जनता दल की ओर से एक जोरदार मशाल जुलूस निकाला गया।
हाथों में मशाल लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार श्रमिकों के अधिकारों को खत्म कर रही है और नई श्रम संहिता (लेबर कोड) के माध्यम से पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार एक ओर जहां सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंप रही है, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों से जुड़े पुराने कानूनों को खत्म कर उन्हें असुरक्षित बना रही है। ऐसे में यह आंदोलन केवल श्रमिकों का नहीं, बल्कि देश के मेहनतकश तबके के भविष्य को बचाने की लड़ाई है।
नेताओं ने ऐलान किया कि 9 जुलाई को भारत बंद को पूरी तरह सफल बनाया जाएगा और जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।

