नहीं चला सत्ता पक्ष भूमाफियों का झूठ ,
न्यायालय दी जमानत ,जेल से रिहा हुए भूषण पहाड़िया,
राष्ट्र संवाद संवाददाता
संजय कुमार
चांडिल चांडिल थाना अंतर्गत आसनबनी स्थित ‘जाताल पूजास्थल (लाया)’ के पुजारी भूषण पहाड़िया करीब 1 महीने 9 दिन बाद जब सरायकेला जेल से रिहा होकर अपने गांव आसनबनी सालतल बस्ती पहुंचे, तो गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक आदिम जनजातीय रीतिरिवाजों के साथ उनका स्वागत किया।
आदिवासी महिलाओं ने पहले ” पांव धोया, फिर माथे पर पगड़ी बांधकर सम्मानित किया, साथ ही पारंपरिक गीतों व नृत्य के साथ उनका स्वागत किया गया। मौके पर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के बीच बिस्कुट,चॉकलेट आदि का वितरण किया.
*जाताल पूजा स्थल लाया भूषण पहाड़िया का बयान*
> भूमाफिया और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से हमें फंसाया गया। लेकिन कोर्ट ने हमें न्याय दिया, झूठ का पर्दाफाश हो गया। न्यायपालिका ने आदिवासी अस्मिता और सच्चाई की रक्षा की है।”
*क्या है मामला?*
आसनबनी मौजा, खाता संख्या 196, प्लॉट संख्या 2051 (36 डिसमिल भूमि) को लेकर द्विपक्षीय स्वामित्व विवाद कोर्ट में विचाराधीन था।
इस भूमि को लेकर स्थानीय पहाड़िया समुदाय के विरोध के बावजूद,सत्ता पक्ष के कपाली नगर पालिका पूर्व उपाध्यक्ष मो सरवर आलम द्वारा पुलिस प्रशासन की मिली भगत से भूषण पहाड़िया व दो अन्य पर झूठा रंगदारी का केस दर्ज किया था.
ग्रामीण बोले –
“यह सिर्फ भूषण जी की नहीं, पूरे पहाड़िया समुदाय की जीत है। यह साफ हो गया कि झूठे मुकदमे से हमें डराया नहीं जा सकता।”
इस अवसर पर छतर पहाड़िया, मंगल पहाड़िया, गणेश पहाड़िया, सुकलाल पहाड़िया ,गुरुचरण कर्मकार,भारती पहाड़िया, गिद्दु मांझी,सूर्य मोहन सिंह सरदार, जागरण पाल, कालों पहाड़िया,आदि उपस्थित थे.

