राष्ट्र संवाद संवाददाता
राखा कॉपर से लेकर सीआरपीएफ कैंप , सीटीसी के साथ-साथ 10 गांव को जोड़ने वाली गुर्रा नदी पर बनी हुई पुलिया पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है जगह-जगह से टूटने फूटने से अब इस पर आना जाना करना जानलेवा हो सकता है।
जगह-जगह लोहा की छड़ निकल चुकी है एवं इसी पुलिया से होकर रोजाना लोग आवागमन करते हैं शहर की ओर सीआरपीएफ कैंप और सीटीसी के अधिकारी भी इसी पुलिया से और जवान भी आना-जाना करते हैं पुलिया की जर्जर स्थिति को देखते हुए अब लोगों में भय का माहौल बन गया है।
किसी पुलिया से होकर किसान शहर अपने उत्पाद को बेचने जाते हैं पुलिया के जर्जर होने से दुड़कू गांव ,सांसपुर गांव, गुरुद्वारा गांव ,पुराना रखा माइन्स, सहित 10 गांव पूरी तरह से प्रभावित है लोगों को भय है कि इस बरसात में अगर पुलिया की मरम्तिकरण नहीं होगी तो कभी भी बड़ी घटना घट जाएगी जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो जाएगा ।
वही पुलिया के टूट जाने से सीटीसीओर सी आर पी एफ कैंप का डूबने का खतरा भी बन जाएगा इस पुलिया का निर्माण रांची के ठेकेदार आशुतोष के द्वारा बनाया गया था पुलिया के निर्माण से ही इसके गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे थे।
इस मामले को लेकर सीटीसी और सीआरपीएफ के अधिकारियों के द्वारा जिला प्रशासन को भी पुलिया की मरम्मत करने की मांग की है।
भाजपा के नेता विक्रम सिंह ने कहा कि यह पुलिया का जल्द से जल्द निर्माण होना चाहिए नहीं तो जन आंदोलन किया जाएगा पुलिया पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है बड़ी घटना घट सकती है इस पुलिया से होकर बड़ी-बड़ी गाड़ियां पार होती हे

