शहीद तिलका मांझी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आदिवासी समुदाय में उबाल असामाजिक तत्वों ने चिलगु चौक स्थित प्रतिमा को बनाया निशाना
आदिवासी समुदाय में उबाल दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल – चांडिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग पर स्थित चिलगु चौक में स्वतंत्रता सेनानी शहीद तिलका मांझी की प्रतिमा को बीती रात असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जैसे ही घटना की जानकारी लोगों को मिली, इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रतिमा का नाक का अग्र भाग टूटे होने की सूचना पर स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई।

आदिवासी समुदाय के लोगों में इस कृत्य को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने इसे स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद तिलका मांझी का अपमान बताया। घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीण नेता कारण हांसदा ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आदिवासी समाज अपने स्तर से कार्रवाई करने को विवश होगा।”

सूक लाल मांझी ने कहा कि शहीद तिलका मांझी का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय है, और उनकी प्रतिमा के साथ की गई ऐसी हरकत किसी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

उल्लेखनीय है कि तिलका मांझी पहले आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनके सम्मान में स्थापित प्रतिमा के साथ हुई यह घटना न सिर्फ आदिवासी समाज बल्कि पूरे क्षेत्र की भावनाओं को आहत कर गई है।

