राष्ट्र संवाद संवाददाता: सिराज अंसारी जामताड़ा
जामताड़ा : 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर साहेबगंज जिले के ऐतिहासिक भोगनाडीह स्थित सिद्धू-कानू स्थल पर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच उत्पन्न तनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को जामताड़ा जेएमएम जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने भाजपा पर सरकार और प्रशासन को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने की। इस दौरान जेएमएम केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल, जिला कोषाध्यक्ष परेश यादव, वासुदेव मरांडी, रहीम अंसारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने कहा कि भोगनाडीह में जिस तरह से तनाव की स्थिति बनी, वह पूरी तरह भाजपा की सुनियोजित चाल थी। उन्होंने कहा, “भाजपा झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन को बदनाम करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन प्रशासन की तत्परता से इस साजिश को विफल कर दिया गया।

हम इसके लिए प्रशासन का आभार व्यक्त करते हैं। सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने कहा कि भाजपा संथाल परगना को अस्थिर करने की असफल कोशिश कर रही है। भाजपा का यह प्रयास दर्शाता है कि वह सत्ता की भूखी पार्टी है और इसके लिए किसी भी हद तक जा सकती है। हम इस साजिश का पुरजोर विरोध करते है। वहीं, पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष परेश यादव ने कहा कि भाजपा का कृत्य निंदनीय है और इसका पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे झारखंड में आदिवासी और मूलवासी समुदाय में भाजपा के प्रति गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे मामले को लेकर झारखंड की राजनीति में गरमाहट आ गई है। जहां जेएमएम ने भाजपा पर समाज को तोड़ने और शांति भंग करने की साजिश का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेएमएम पार्टी पदाधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि ऐसे कृत्य दोहराए गए तो जेएमएम राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। फिलहाल पार्टी की नजर जनता की भावनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी हुई है।
