जामताड़ा: भारत एक कृषि प्रधान देश है|देश का लगभग 64% लोग कृषि कार्य पर निर्भर है|कृषि कार्य कर ही लोग जीवन यापन करते हैं| पर देखा जाए तो किसान की स्थिति बद से बदतर कहने से इनकार नहीं किया जा सकता है| यह मामला जामताड़ा जिला के कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में भी अछूता नहीं रहा है|आपको बता दें किसान लगभग धान को उगाने में पूर्ण रूप से तैयार करने में लगभग 6 महीना तक मेहनत करते हैं|ऐसे में इसका कीमत भी किसान को फसल तैयार होने के पश्चात शीघ्र ही मिलना चाहिए|लेकिन किसानों को शीघ्र मिलना तो दूर की बात साल भर बीत जाता है पर किसानों का बकाया राशि लैंप्स द्वारा नहीं भुगतान किया जाता है|बता दे कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के लगभग 572 किसान बाबूपुर लैंप्स में अपना धान बेचा था, जिसमें से 524 किसानों को आधा भुगतान हुआ है| वहीं 48 किसानों को अब तक कुछ भी भुगतान नहीं किया गया है|ऐसे में किसानों के समक्ष भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है|कुंडहित प्रखंड जामताड़ा जिला का एक अति पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है| यहां रोजगार का कृषि के अलावा और कोई दूसरा साधन नहीं है|इसी से ही लोग अपना और अपने बाल बच्चों का पेट भरते हैं तथा गुजर बसर करते हैं| ऐसे में अगर धान का बकाया राशि भुगतान नहीं किया जाना यह एक उदासीनता रवैया कहने से भी खाली नहीं रह जाता है|
क्या कहते हैं लैंप्स के सचिव: लैंप्स के सचिव विवेकानंद गोराई ने कहा कि लैंप्स में निबंधन किसानों की संख्या 820 है|अब तक 572 किसानों ने 32231.06 क्विंटल लेंप्स में धान दिया है ,जिसमें से 524 किसानों का आधा भुगतान हो चुका है|वहीं 48 किसानों का अब तक कुछ भी भुगतान नहीं किया गया है| विभाग द्वारा जल्दी भुगतान किया जाएगा|
क्या कहते हैं किसान :
सुवेंद सिंह, गोपीनाथ मंडल, माधव कुमार बर्मन, पतित पावन मंडल, माधव मंडल, सुभाष चंद्र महतो, उज्जवल कांति सिंह सहित आदि किसानों ने कहा कि अभी तक हम लोगों का कुछ भी भुगतान नहीं हुआ है अन्य किसानों का आधा भुगतान हुआ है| भुगतान नहीं होने से हम किसानों में भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है |जिले के उपायुक्त से मांग करता हूं कि शीघ्र ही धान का बकाया राशि भुगतान किया जाए|
क्या कहते हैं अधिकारी
लगभग 90 प्रतिशत किसानों का धान का बकाया राशि भुगतान कर दिया गया है| कुछ किसानों का त्रुटिया है, जिसको सुधार किया जा रहा है| पैसा आ गया है |प्रोसेसिंग में है| शीघ्र ही बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा |
राजेश कुमार, बीसीओ, कुंडहित|

