20 हाथ, एक जान’: धनबाद की बर्थडे पार्टी में अभिजीत की हत्या—डंडे, पत्थर और बाइक से कुचला गया सिर, दोस्तों ने सोने के चैन और ब्रेसलेट तक लूटकर छोड़ा
दोस्त के जन्मदिन की खुशी मनाने पहुंचा 24 वर्षीय अभिजीत सिंह अपनी जान की बाजी लगा बैठा। रात की महफिल में शुरू हुआ तू-तू मैं-मैं कुछ ही देर में खूनी हमले में बदल गया। आरोप है कि उसी के दोस्त और उनके साथी अभिजीत पर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाते रहे, फिर जमीन पर गिरे घायल युवक के ऊपर बाइक चढ़ा दी। सिर में आई गंभीर चोट से इलाज के दौरान अभिजीत की मौत हो गई।
घटना 18 अक्टूबर की देर रात धनबाद के होटल पाम इन में हुई, जहां अभिजीत अपने दोस्तों के साथ बर्थडे पार्टी में शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, पार्टी के दौरान किसी मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो रात करीब 2 बजे हिंसक मारपीट में तब्दील हो गया।
परिजनों का आरोप है कि विवाद के बाद सूरज यादव ने अपने साथियों को बुलाया। इसके बाद 15 से 20 युवकों ने अभिजीत पर हमला बोल दिया। आरोप है कि उस पर बांस, लाठी-डंडे और पत्थर से प्रहार किए गए। जब वह जमीन पर गिर गया, तो आरोपियों ने उसके ऊपर बाइक पटक दी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई।
मृतक के पिता राज प्रकाश सिंह का आरोप है कि हमले के बाद आरोपियों ने अभिजीत का मोबाइल फोन, सोने की चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी लूट लिया। घायल हालत में पड़े अभिजीत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही। इलाज के दौरान 19 अक्टूबर की सुबह उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद पिता ने धनबाद थाने में पांच नामजद और 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। FIR में आरोप लगाया गया कि हमलावर अभिजीत को लूटकर घायल हालत में छोड़कर फरार हो गए।
*दो आरोपी गिरफ्तार, एक स्ट्रेचर पर तो दूसरा लंगड़ाते हुए जेल
इस खूनी वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों—सूरज यादव और प्रशांत राउत उर्फ सानू—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों को जेल ले जाते समय उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। एक आरोपी स्ट्रेचर पर लेटा दिखा, जबकि दूसरा लंगड़ाते हुए पुलिस के साथ चलता दिखाई दिया।
पुलिस के मुताबिक, सूरज यादव को गिरफ्तार करने पहुंची टीम को देखते ही वह भागने लगा और छत से छलांग लगा दी। इस दौरान उसका पैर टूट गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार पुलिस निगरानी में चल रहा है।
डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रकाश सोय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे, कपड़े और मोबाइल फोन बरामद करने की कार्रवाई भी चल रही है।
पुलिस का दावा है कि बाकी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि भीड़ में शामिल किस व्यक्ति ने क्या भूमिका निभाई और किसने हमले की साजिश रची।
जेल गेट पर पहुंचे मृतक के पिता राज प्रकाश सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई, लेकिन उनका कहना है कि जब तक हमले में शामिल हर आरोपी को सलाखों के पीछे नहीं देखा जाएगा, तब तक बेटे को इंसाफ नहीं मिलेगा।
यह घटना अब सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि दोस्ती और भरोसे के नाम पर उठ रहे गंभीर सवालों की तरफ इशारा कर रही है। जिस पार्टी में अभिजीत खुशी मनाने गया था, वहीं उसकी जिंदगी का अंत हो गया—और अब परिवार इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

