13वां प्रागज्योति अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव संपन्न
गुवाहाटी और ग्वालपारा में शास्त्रीय नृत्य, व्याख्यान-प्रदर्शन और विरासत संरक्षण पर हुए आयोजन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मनीषा शर्मा, असम (गुवाहाटी)

गुवाहाटी। साहित्य, कला-संस्कृति एवं सामाजिक समन्वय के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘कल्प’ की पहल पर आयोजित 13वें प्रागज्योति अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव का 28 सितंबर को सफल समापन हुआ। 25 से 28 सितंबर तक आयोजित महोत्सव के कार्यक्रम गुवाहाटी और ग्वालपारा में हुए, जिनमें शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों के साथ शैक्षणिक सत्र, व्याख्यान-प्रदर्शन और विरासत संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महोत्सव में ओडिसी नृत्यांगना रोहिणी बनर्जी, कथक नृत्यांगना संगीता विक्रम दस्तीदार, अभिषेक दास और सत्रिया नृत्यांगना डॉ. अन्वेषा महंत सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। गुवाहाटी विश्वविद्यालय तथा लुइत कोंवर रुद्र बरुवा राजकीय संगीत महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान-प्रदर्शन, नृत्य-फिल्म प्रदर्शन एवं परिचर्चाएं हुईं। ग्वालपारा में ‘विरासत यात्रा’, शैक्षणिक संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।
महोत्सव को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र सोसाइटी, गुवाहाटी विश्वविद्यालय, ग्वालपारा जिला प्रशासन सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग मिला। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों, कला-प्रेमियों और आम लोगों में शास्त्रीय नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। ‘कल्प’ के अध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रदीप ज्योति महंत हैं।

