राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। पेसा नियमावली 2025 लागू होने के बावजूद स्वासपुर पंचायत में ग्राम सभा के संचालन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में न तो अध्यक्ष का चयन किया गया, न संचालक समिति और सहायक सचिव का मनोनयन हुआ और न ही निर्धारित कोरम पूरा किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सभा की बैठक के लिए मुखिया और पंचायत सचिव के हस्ताक्षर से पत्र जारी हुआ था, लेकिन बैठक के दिन पंचायत सचिव अनुपस्थित रहे। इसके चलते कार्यवाही पंजी भी तैयार नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने इसे PESA नियमावली के प्रावधानों का खुला उल्लंघन बताया।
सभा में ग्रामीण खगेन भकत ने मुखिया बॉबी मारडी से पत्रांक-804 के तहत पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीण सुभंकर सिंह ने PESA नियमावली का अध्याय-1 पढ़कर सुनाया और ग्राम सभा के अधिकारों की जानकारी दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की मंजूरी और निर्धारित प्रक्रिया के बिना ही मुखिया द्वारा योजना लिखी गई, जो पेसा की मूल भावना के विपरीत है। मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं उपायुक्त से लिखित शिकायत करने की तैयारी की है।

