ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डीजे को लेकर विहिप ने उठाए सवाल, प्रशासन पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री अरुण सिंह ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर में निकले जुलूसों के दौरान डीजे बजाए जाने को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 की रामनवमी में प्रशासन ने डीजे और ट्रेलर जब्त कर हिंदू संगठनों पर सख्ती की थी, जबकि अब दूसरे समुदाय के जुलूस में डीजे को लेकर प्रशासन का रवैया अलग नजर आ रहा है।
अरुण सिंह ने कहा कि 2023 में तत्कालीन उपायुक्त के आदेश पर साकची बाजार की रामनवमी शोभायात्रा में डीजे और ट्रेलर जब्त किए गए थे। इसके विरोध में विहिप और विभिन्न रामनवमी समितियों ने आंदोलन किया था, जिसके बाद प्रशासन को जब्त सामान छोड़ना पड़ा था। उन्होंने इस घटना को हिंदू समाज में आक्रोश का कारण बताया।
विहिप नेता ने आरोप लगाया कि कदमा-शास्त्रीनगर विवाद के बाद भी विहिप, भाजपा और हिंदू संगठनों से जुड़े कई लोगों पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के दौरान कदमा, सोनारी सहित कई इलाकों में डीजे और बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों से जुलूस निकाले जाने के बावजूद प्रशासन ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
अरुण सिंह ने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू और आदिवासी समाज के पर्वों पर नियमों की सख्ती तथा अन्य अवसरों पर अलग रवैया स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विहिप धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

