विपक्ष ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के ‘कुटिल प्रयास’ को विफल कर दिया: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि विपक्ष ने परिसीमन प्रस्ताव को महिला आरक्षण से जोड़ने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ‘कुटिल प्रयास’ को विफल कर दिया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि यह संघवाद और संविधान की जीत है।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा महिलाओं के आरक्षण (जिस पर पहले ही निर्णय हो चुका था) को अपने खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों से जोड़ने का कुटिल और चालाकी भरा प्रयास लोकसभा में निर्णायक रूप से पराजित हो गया है।’’
उनका कहना था, ‘‘ यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था, हमारे संघीय ढांचे और संविधान की जीत है। यह नॉन-बायलॉजिकल, नॉन-गृहस्थ प्रधानमंत्री की वैधता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।’’
रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के लिए आगे का रास्ता स्पष्ट है कि उसे 2029 के चुनाव के लिए लोकसभा की मौजूदा व्यवस्था में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के बाद से ही यह पूरे विपक्ष की लगातार मांग रही है, जिसे अंततः कल देर रात अधिसूचित किया गया।’’
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
