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    Home » झारखंड में बेलगाम अपराध, सरकार मौन — क्या राज्य में जंगलराज लौट आया है? :बिद्युत महतो
    जमशेदपुर झारखंड

    झारखंड में बेलगाम अपराध, सरकार मौन — क्या राज्य में जंगलराज लौट आया है? :बिद्युत महतो

    Aman OjhaBy Aman OjhaMarch 15, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    झारखंड में तेजी से बढ़ती रंगदारी, हत्या, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं पर जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

     

    सांसद श्री महतो ने कहा कि रांची से लेकर जमशेदपुर और पूरे झारखंड में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। खुलेआम रंगदारी मांगी जा रही है, हत्याएँ हो रही हैं और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बनकर सब कुछ देख रहे हैं।

     

    उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि आम नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आज हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर राज्य में सरकार चल रही है या अपराधियों का राज स्थापित हो गया है।

     

    सांसद श्री महतो ने कहा कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाएँ यह साबित करती हैं कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यदि समय रहते कठोर और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो झारखंड में अराजकता और भय का वातावरण और गहराता जाएगा।

     

    उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा। झारखंड की जनता अब असुरक्षा और भय के माहौल में जीने को मजबूर नहीं रह सकती।

     

    सांसद श्री महतो ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून का राज स्थापित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। यदि सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहती है, तो यह झारखंड के भविष्य के लिए अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी।

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    अभी-अभी

    जहानाबाद, शहीद वायु सेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे को लेकर विवाद, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल।

    जहानाबाद, शहीद वायु सेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे को लेकर विवाद, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल। जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव निवासी शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की असम के जोरहाट में विमान दुर्घटना में शहादत के बाद अब मुआवजे और सरकारी लाभ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रेया राय नामक युवती को दिया गया। इस मामले में जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा का कहना है कि आधिकारिक कागजात के अनुसार श्रेया राय शहीद शुभम कुमार की पत्नी हैं। हालांकि अमरेंद्र शर्मा ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि श्रेया राय शुभम कुमार की पत्नी हैं तो वह हमलोग के साथ क्यों नहीं रह रही हैं। उन्होंने कहा कि शहीद के माता-पिता होने के नाते उन्हें भी सरकारी लाभ और मुआवजे में अधिकार मिलना चाहिए। पिता ने सरकार और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में लाभार्थी के चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए और शहीद के माता-पिता के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुआवजे और अन्य सरकारी लाभों को लेकर उठे इस विवाद के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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