यूसीआईएल रियर गेट 12 घंटे जाम, विस्थापितों का फूटा गुस्सा आश्वासन के बाद हटाया गया आंदोलन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:यूसीआईएल प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए विस्थापित ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जोआर संगठन के अध्यक्ष घनश्याम बिरूली के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यूसीआईएल के रियर गेट को जाम कर दिया, जिससे यूरेनियम अयस्क की ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई।
ग्रामीणों का कहना था कि 9 अप्रैल 2025 को हुई त्रिपक्षीय वार्ता में यूसीआईएल प्रबंधन ने कई मुद्दों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विस्थापितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में टेलिंग पोंड से प्रभावित आदिवासी परिवारों को मुआवजा और नौकरी, सूचीबद्ध विस्थापितों की घटते क्रम में बहाली, मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी, तथा भाटिन गांव के चाटिकोचा स्थित आदिवासियों के सारना-जाहेरगढ़ की सुरक्षा शामिल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टेलिंग पोंड के दूषित पानी से कई बार पूजा स्थल डूब चुका है, जिससे आदिवासी समुदाय में आक्रोश है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यूसीआईएल द्वारा अयस्क और टेलिंग की ढुलाई आबादी के बीच से की जाती है, जिससे रेडिएशन युक्त धूल से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत, स्थानीय बेरोजगार युवकों को अस्थायी नौकरी और चाटिकोचा के 68 परिवारों के पुनर्वास की मांग भी उठाई गई।
जोआर संगठन ने आरोप लगाया कि यूसीआईएल के कारण आसपास के नदी-नाले प्रदूषित हो गए हैं, जिससे लोगों में चर्म रोग और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। साथ ही सीएसआर के तहत भी क्षेत्र में पर्याप्त विकास कार्य नहीं होने की शिकायत की गई।
शाम करीब 6 बजे यूसीआईएल के अधिकारी राकेश कुमार द्वारा 25 मार्च को प्रशासनिक भवन में त्रिपक्षीय बैठक बुलाने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम हटा लिया। संगठन के अध्यक्ष घनश्याम बिरूली ने चेतावनी दी कि यदि बैठक में सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो टेलिंग पोंड की पाइपलाइन बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
जाम में सामंतों मुर्मू, राजेश मार्डी, गोमो सोरेन, लूगु मुर्मू, बहादुर मांझी, रायसेन सोरेन, सोनू कालिंदी और सोनाराम हेंब्रम समेत कई ग्रामीण मौजूद

