लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
शनिवार को चाईबासा में शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया जब झामुमो समर्थक और सामाजिक संगठन प्रस्तावित स्थल पर आमने-सामने आ गए।
चाईबासा: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि से पहले उनकी प्रतिमा स्थापना को लेकर शनिवार को चाईबासा में विवाद गहरा गया। टाटा बाईपास चौक स्थित प्रस्तावित प्रतिमा स्थल पर झामुमो समर्थकों और सामाजिक एवं आदिवासी संगठनों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
झामुमो की ओर से 4 अगस्त को श्रद्धांजलि कार्यक्रम के तहत प्रतिमा स्थापना की तैयारी की जा रही है। वहीं, विरोध कर रहे सामाजिक संगठनों का कहना है कि झारखंड आंदोलन में शहीद हुए सभी आंदोलनकारियों को पहले सम्मान मिलना चाहिए और केवल एक नेता की प्रतिमा स्थापित करना उचित नहीं है।
स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए विरोध कर रहे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस से चाईबासा थाना भेज दिया। इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, हालांकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद आगे भी जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
शिबू सोरेन की प्रतिमा पर क्यों मचा बवाल?
दरअसल, दिशोम गुरु के नाम से मशहूर शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य आंदोलन के सबसे बड़े चेहरा रहे हैं। उनकी पहली पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भव्य प्रतिमा स्थापित करना चाहती है। पार्टी का तर्क है कि शिबू सोरेन ने झारखंड के आदिवासियों-मूलवासियों के हक के लिए जीवन भर संघर्ष किया है, इसलिए चौक-चौराहों पर उनकी प्रतिमा लगना गर्व की बात है।
सामाजिक संगठनों का विरोध और मांग
दूसरी तरफ, विरोध कर रहे सामाजिक एवं आदिवासी संगठनों का स्पष्ट मत है कि झारखंड आंदोलन में सैकड़ों शहीदों ने अपनी जान दी है। केवल शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाकर अन्य शहीदों की उपेक्षा करना उचित नहीं है। इन संगठनों की मांग है कि पहले शहीद स्मारक बने या फिर सभी शहीदों की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित की जाएं। इस मुद्दे पर टाटा बाईपास चौक पर घंटों गहमागहमी का माहौल रहा।
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
मामले की संवेदनशीलता देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। एसपी आशुतोष शेखर के निर्देश पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे लगभग एक दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि धारा 144 का उल्लंघन करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल चौक पर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ी तैनात है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में 4 अगस्त के कार्यक्रम तक यह तनाव बना रह सकता है। झामुमो ने ऐलान किया है कि कार्यक्रम तय समय पर ही होगा, वहीं विरोधी गुट भी अड़े हुए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। अधिक जानकारी के लिए शिबू सोरेन का जीवन परिचय देखें।

