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    Home » नागाधाम तारा बरियारपुर में श्रीचंद्राचार्य जयंती पर आज होंगे विविध कार्यक्रम
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    नागाधाम तारा बरियारपुर में श्रीचंद्राचार्य जयंती पर आज होंगे विविध कार्यक्रम

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 19, 2026No Comments3 Mins Read
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    श्रीचंद्राचार्य जयंती
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    लेखक: राजेश कुमार

    तारा बरियारपुर स्थित नागाधाम उदासीन आश्रम में शनिवार को उदासीन संप्रदाय के आचार्य श्री श्रीचंद्राचार्य उर्फ श्रीचंद्र भगवान की श्रीचंद्राचार्य जयंती को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन किया जा रहा है. जयंती को लेकर आश्रम परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है. प्रत्येक वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को यहां श्रीचंद्राचार्य जयंती श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाती है.

    श्रीचंद्राचार्य जयंती के प्रमुख कार्यक्रम

    नागाधाम के महंत पूज्य स्वामी धर्मदास उदासीन ने बताया कि जयंती समारोह के तहत ध्वजा परिवर्तन, षोडशोपचार पूजन, हवन, संगीतमय सामूहिक सुंदरकांड पाठ, संत भंडारा एवं प्रवचन सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा कवि गोष्ठी, कृषि वैज्ञानिक का उद्बोधन, बीडीओ द्वारा कविता पाठ तथा संतों के आशीर्वचन भी होंगे. कार्यक्रम के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भोजन-प्रसाद ग्रहण करेंगे. उन्होंने बताया कि उत्सव का कार्यक्रम देर रात तक चलेगा.

    श्रीचंद्राचार्य का जीवन और संदेश

    उदासीन संप्रदाय की मान्यता के अनुसार श्रीचंद्राचार्य का जन्म वर्ष 1494 ई. में तलवंडी ननकाना साहिब, लाहौर में गुरु नानक देव के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा के बाद वे अध्ययन के लिए कश्मीर गए, जहां उन्होंने आचार्य की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने सिद्ध पुरुष अविनाशी मुनि से संन्यास की दीक्षा लेकर कठोर साधना की. उदासीन संतों के अनुसार श्रीचंद्राचार्य ने व्यापक भ्रमण कर आध्यात्मिक चेतना एवं मानव कल्याण का संदेश दिया. मान्यता है कि उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों में लोगों के बीच धर्म, अध्यात्म और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया. बाद में उन्होंने संस्था का दायित्व अपने शिष्यों को सौंपकर हिमालय में विशेष साधना के लिए प्रस्थान किया. उदासीन संप्रदाय के अनुयायी उन्हें महान संत एवं आध्यात्मिक आचार्य के रूप में मानते हैं. आश्रम से जुड़े संतों के अनुसार श्रीचंद्राचार्य की शिक्षाओं में अध्यात्म, प्रकृति के अनुरूप जीवन, धर्म के मूल स्वरूप को समझने तथा मानव जीवन में आध्यात्मिक चेतना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है. जयंती समारोह के दौरान उनके जीवन, दर्शन एवं शिक्षाओं पर संतों द्वारा विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा. उदासी संप्रदाय के बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया देखें।

    इस वार्षिक उत्सव का आयोजन नागाधाम की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है जहां दूर-दराज से श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं. भाद्रपद शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर होने वाला यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक समरसता और भक्ति भावना का प्रतीक माना जाता है. स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहता है.

    स्वामी धर्मदास उदासीन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कोविड नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक कार्यक्रम में भाग लें. आश्रम परिसर में पेयजल, चिकित्सा एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है. इस अवसर पर आयोजित कवि गोष्ठी में स्थानीय कवियों द्वारा भक्ति रचनाओं का पाठ किया जाएगा जो वातावरण को भक्तिमय बनाएगा.

    उदासीन संप्रदाय धार्मिक आयोजन नागाधाम बेगूसराय श्रीचंद्राचार्य जयंती
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