बिना दवा का बना यूसील अस्पताल, मरीज लौट रहे खाली हाथ; यूनियन महामंत्री सुरजीत सिंह ने सीएमडी को लिखा पत्र
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा : बिना दवा का यूसिल अस्पताल चल रहा हैं। यह हम नहीं कह रहे है
यूसिल से सेवानिवृत कर्मचारी व।कंपनी कर्मी बीते कई महीनों से यूसिल की आउट सोर्सिंग दवा काउंटर से लौट रहे है। यह हालत जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ व तुरामडीह यूनिट में यह हालत तब पैदा हुई जब 16 करोड़ की लागत से जमशेदपुर की दवा आपूर्ति करने वाली आउट सोर्सिंग कंपनी के के फार्मा ( जुगसलाई) को टेंडर मिली। दवा की आपूर्ति में अनियमितता के बाबत पूछे जाने पर संवेदक अनुपम कहते है प्रति माह 50 लाख की दवा आपूर्ति 28 प्रतिशत छूट पर कंपनी को मुहैया कराई जाती है। ।इतनी छूट देश में कोई भी दवा आपूर्ति कंपनी नहीं देती है।द।इसके बावजूद उनका बकाया पैसा करोड़ो में है। पैसा नहीं मिलने से यूसिल की दवा आपूर्ति नहीं की जा सकती।इधर अस्पताल पर प्रबंधन का कहना है कि बकाया राशि को लेकर प्रयास रत है। संवेदक की बकाया राशि दे दी जाएगी। इधर अस्पताल पर अस्पताल प्रबंधक व संवेदक के बीच बकाया राशि को लेकर मरीज पिस रहे है व मामूली दवा भी नहीं मिलने से लोग परेशान है व दवा के अभाव में उनकी बीमारियों बढ़ती जा रही हैं। बहरहाल यूसिल बिना दवा का अस्पताल बनकर रह गया है। सेवानिवृत कर्मचारियों व कंपनी कर्मियों को दवा आपूर्ति अनियमितता को लेकर जादूगोड़ा यूनियन महामंत्री सुरजीत सिंह ने यूसिल सीएमडी पत्र लिखकर सुधार की मांग की है ताकि मरीजों को परेशानी व दवा की कमी से जूझ रहा अस्पताल में मरीजों को राहत मिल सके। बहर हाल देखना यह है कि संवेदक का बकाया दवा बिल यूसिल कब तक चुकता करती है यह देखने वाली बात होगी तभी यूसिल मरीजों की परेशानी पर विराम लग पाएगा।

