यूसील बागजाता का 375 मीटर वर्टिकल शाफ्ट 15 साल से अधूरा, उच्चस्तरीय जांच की मांग
राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा
देश की परमाणु सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) की बागजाता परियोजना* का 375 मीटर वर्टिकल शाफ्ट निर्माण कार्य पिछले *15 वर्षों से अधूरा* पड़ा हुआ है।
करोड़ों रुपये की लागत वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के अधूरे पड़े रहने से न केवल कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है, बल्कि देश के परमाणु ईंधन उत्पादन लक्ष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
*क्या है पूरा मामला:*
प्राप्त जानकारी के अनुसार बागजाता यूरेनियम खदान में 375 मीटर गहरे वर्टिकल शाफ्ट का निर्माण कार्य वर्ष 2010-11 में शुरू हुआ था, जिसे तय समय में पूरा होना था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि इस देरी के पीछे भारी अनियमितता और लापरवाही है। परियोजना की लागत कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन जमीन पर काम अधूरा है।
*पीजी पोर्टल पर शिकायत:*
इस पूरे मामले को लेकर अब *प्रधानमंत्री जन शिकायत पोर्टल (पीजी पोर्टल)* पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने *परमाणु ऊर्जा विभाग* से इस पूरे प्रोजेक्ट की *उच्चस्तरीय जांच* कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
*मांग:*
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि –
1. 15 साल से अधूरे पड़े 375 मीटर शाफ्ट की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो
2. करोड़ों के खर्च का ऑडिट हो
3. दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
4. परियोजना को जल्द पूरा कर उत्पादन शुरू किया जाए
यह मामला सीधे तौर पर देश की परमाणु सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच जरूरी है।
–

