यूसील की हीरक जयंती पर करोड़ों खर्च, अस्पताल में मरीजों को खाना तक नहीं कार्यशैली पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा
यूसील के हरीक जयंती ईयर सेलिब्रेशन के बीच कंपनी की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। एक तरफ नरवा पहाड़ में हीरक जयंती के नाम पर मेहमानों के स्वागत और भोजन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यूसील जादूगोड़ा अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से कैंटीन का टेंडर समाप्त होने के कारण भर्ती मरीजों को भोजन तक नहीं मिल रहा है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर बीमारी के अनुसार हल्का और सुपाच्य भोजन दिया जाना चाहिए। लेकिन कैंटीन बंद होने से मरीजों को घर से खाना मंगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
दो दिनों से घर से खाना मंगा रही हैं मरीज:
अस्पताल में भर्ती मरीज *देशपतों देवी* ने बताया कि पिछले दो दिनों से घर से खाना मंगा रही हूं। घर में कोई नहीं होने पर समय पर खाना नहीं आता और भूखे रहना पड़ता है।
वहीं मरीज *घासीराम टुडू* के परिजन *बिजो टुडू* ने कहा – 5 दिनों से घर से भोजन ला रहे हैं। नर्स से बोलो तो टेंडर खत्म होने की बात कहकर चली जाती हैं।
मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन हीरक जयंती पर करोड़ों लुटा रहा है, लेकिन अस्पताल जैसे जरूरी स्थान पर मरीज को खाना तक नहीं दे पा रहा।
इस अस्पताल में महिला पुरुष मिलाकर लगभग 15 से 20 मरीज भर्ती हैं।
पीआरओ ने क्या कहा:
इस मामले में यूसील के पीआरओ *स्टालिन हेंब्रम* का कहना है कि टेंडर अंतिम स्टेज पर है, लेखा विभाग से अप्रूवल होते ही चालू हो जाएगा। कुछ पेंच कॉपरेटिव स्टोर से फंसा है, जल्द सुलझा लेंगे।

