फर्जी लेटर पर सिंघम सीओ का एक्शन, फर्जीवाड़ा करने वाला पर एफआईआर दर्ज, माफियाओं में मचा हड़कंप
*उपायुक्त कार्यालय का सोशल मीडिया में वायरल फर्जी लेटर पर प्रशासन सख्त, भू-माफियाओं का कुंडली खंगालने में जुटा प्रशासन*
*सिंघम सीओ के एक्शन से भूमि कारोबार से जुड़े लोगों और कथित दागी भूमाफियाओं में हड़कंप मचा,
*जाली पेपर बना कर सीसीएल में नौकरी दिलाने नाम पर करोड़ों ठगी करने वाले माफियाओं में भूचाल*
शैलेश सिंह
चतरा: सोशल मीडिया पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के नाम से वायरल हो रहे कथित पत्र को लेकर टंडवा अंचल प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। वायरल पत्र में पत्रांक 1580, दिनांक 2 जुलाई 2026 अंकित है। प्रशासन ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी करार देते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंघम सीओ गौरव कुमार राय ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रशासन को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी फर्जी दस्तावेज के जरिए भूमि संबंधी मामलों में हेरफेर या प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिंघम सीओ ने कहा कि आम्रपाली-मगध और संघमित्रा परियोजनाओं से संबंधित भूमि के मामले में यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज तैयार कर अंचल कार्यालय में प्रस्तुत करता है और जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों और भूमाफियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रशासन को गुमराह करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई तत्काल की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ पूरे मामले से जुड़े कथित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रहा है। वायरल फर्जी पत्र को लेकर प्रशासन की सख्ती के बाद भूमि कारोबार से जुड़े लोगों और कथित भूमाफियाओं में हड़कंप मचा है। अंचल प्रशासन अब ऐसे मामलों में पूर्व में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर सकता है, ताकि फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके। सिंघम सीओ के एक्शन के बाद भूमि दागी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

