लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बरेली के तीन युवक चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन के संकल्प के साथ पैदल यात्रा पर निकले हैं। सोमवार को यह दल पश्चिम बंगाल के रास्ते झारखंड के औद्योगिक नगर जमशेदपुर पहुंचा। युवकों के अनुसार, उनकी इस कठिन पैदल यात्रा को चार महीने 26 दिन पूरे हो चुके हैं।
चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का संकल्प और मार्ग
उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी तीनों युवकों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य देश के प्रसिद्ध चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना है। यह यात्रा किसी धार्मिक विरोध के लिए नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए है। हिंदू धर्मग्रंथों में Char Dham का विशेष महत्व बताया गया है, जिसमें बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी और रामेश्वरम शामिल हैं। इसी प्रकार 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे पवित्र स्वरूप माने जाते हैं।
जमशेदपुर पहुंचने पर युवकों का बयान
जमशेदपुर पहुंचने पर युवकों ने बताया कि वे गौ माता को राष्ट्रीय माता और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की कामना के साथ जन-जन तक अपना संदेश पहुंचा रहे हैं। उनका कहना है कि इस पैदल यात्रा के माध्यम से वे देश की सांस्कृतिक जड़ों से लोगों को जोड़ना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल के रास्ते झारखंड में प्रवेश करने वाले इन यात्रियों का उत्साह देखते ही बनता है।
सर्वधर्म समभाव का स्पष्ट संदेश
युवकों ने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा किसी भी धर्म के विरोध में नहीं है। वे सभी धर्मों को समान मानते हैं और किसी भी धर्म के प्रति उनके मन में कोई विरोध नहीं है। उनका कहना है कि वे भारत की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक आस्था से जुड़े संदेश को लेकर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं। यह संदेश सामाजिक सौहार्द की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कठिनाइयों के बावजूद अडिग हौसला
तीनों युवकों ने बताया कि लंबी दूरी तय करने के दौरान उन्हें मौसम की मार, शारीरिक थकान और संसाधनों के अभाव जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि वे निर्धारित धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए अपनी पैदल यात्रा जारी रखेंगे। 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन की यह कड़ी उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बन चुकी है।
आस्था के पथ पर बढ़ते कदम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चार धाम की यात्रा मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है, जबकि ज्योतिर्लिंग के दर्शन से समस्त पापों का नाश होता है। इन युवाओं का पैदल भ्रमण 현대 युग में प्राचीन परंपराओं के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। जमशेदपुर के स्थानीय निवासियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया और आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
भविष्य की योजना और पड़ाव
युवकों ने बताया कि जमशेदपुर से आगे उनका रुख ओडिशा स्थित पुरी धाम और फिर दक्षिण भारत के रामेश्वरम की ओर होगा। इस दौरान वे मार्ग में पड़ने वाले ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी करेंगे। उनकी यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत आस्था की पूर्ति है, बल्कि समाज में धार्मिक जागरण का एक अनूठा प्रयोग भी है।

