राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा : गर्मी की दस्तक के साथ ही पोटका प्रखंड अंतर्गत तेतला पोडा पंचायत के सोनागाड़ा गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि दो वर्ष पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, आदित्यपुर की ओर से करीब 9 लाख 16 हजार रुपये की लागत से बनाई गई सोलर जलमीनार अब शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल जल योजना के माध्यम से कुछ दिनों तक पानी आपूर्ति हुई, लेकिन जल्द ही व्यवस्था ठप पड़ गई।
गांव के कई चापाकल भी खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को आधा किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान अजीम सरदार ने बताया कि झारखंड राज्य बने 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है। बरसात के दिनों में दुर्गम पथरीले और कच्चे रास्तों से आना-जाना और भी मुश्किल हो जाता है।
सोनागाड़ा गांव जादूगोड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच स्थित है, जहां आज भी सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों के लिए सपना बनी हुई हैं। ग्राम प्रधान ने झारखंड सरकार से मांग की है कि गांव तक पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जाए और खराब पड़ी सोलर जलमीनार को अविलंब दुरुस्त किया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से राहत मिल सके।
फिलहाल सवाल यही है कि पोटका प्रखंड के तेतला पोडा पंचायत स्थित सोनागाड़ा गांव में बुनियादी सुविधाओं की बहाली कब तक हो पाएगी, यह देखने वाली बात होगी।

