छोटे सरकार बनाम सूरजभान : मोकामा में बाहुबल की आड़ में जातीय साजिश का खेल!
मोकामा में बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या से सियासत गरमाई, अनंत सिंह पर एफआईआर दर्ज
जन सुराज पार्टी नेता दुलार चंद यादव की मौत पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, गोली नहीं बनी मौत की वजह
पत्थरबाजी में घायल हुईं राजद प्रत्याशी सूरजभान की पत्नी बीना देवी
मोकामा में जनसंपर्क के दौरान असामाजिक तत्वों ने किया हमला, इलाके में तनाव
देवानंद सिंह
मोकामा की घटना, जिसमें जन सुराज नेता दुलारचंद यादव की मौत हुई, सिर्फ एक राजनीतिक झड़प नहीं लगती यह बिहार की सियासत को फिर यादव-भूमिहार टकराव की दिशा में धकेलने की सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। सतह पर यह टकराव दो बाहुबलियों छोटे सरकार उर्फ अनंत सिंह और सूरजभान सिंह के खेमों के बीच दिख रहा है, मगर भीतर का सच कहीं अधिक पेचीदा और चिंताजनक है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ़ किया कि दुलारचंद की मौत गोली से नहीं, बल्कि अंदरूनी चोटों से हुई। इससे यह सवाल उठता है कि घटना का असली मकसद हत्या था या राजनीतिक लाभ के लिए जातीय उकसावा? विरोधाभासी बयान, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें — सब मिलकर संकेत देती हैं कि किसी ने इस हत्या को राजनीतिक हथियार में बदलने की कोशिश की है।
वीडियो में दुलारचंद खुद पत्थर चलाते दिखते हैं, जबकि उनके सहयोगियों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। कोई कहता है वह जन सुराज के प्रचार में थे, तो कोई राजद के लिए निकले थे। यह भ्रम किसी तीसरे तत्व की मौजूदगी की ओर इशारा करता है जो दोनों जातियों यादव और भूमिहार के बीच नफरत का बीज बोना चाहता है।
बिहार की सियासत में यह पहली बार नहीं जब बाहुबली चेहरे सत्ता की सीढ़ी बने हों। मगर अब वक्त है कि समाज यह समझे बाहुबल किसी जाति का गौरव नहीं, बल्कि उसके भविष्य का अभिशाप है। अगर बिहार ने एक बार फिर ऐसे चेहरों को सिर पर चढ़ा लिया, तो पिछले दशक में लौटी शांति फिर खूनी राजनीति के दलदल में फंस जाएगी।
कह सकते हैं कि मोकामा कांड केवल हत्या नहीं, बल्कि राजनीतिक और जातीय साजिश का इशारा है। निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और राजनीतिक दबाव से मुक्त कार्रवाई ही सच को सामने ला सकती है। बिहार को यह तय करना होगा क्या वह विकास की राह चुनेगा या बाहुबल की।
मोकामा में बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या से सियासत गरमाई, अनंत सिंह पर एफआईआर दर्ज
पटना: विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोकामा का टाल क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस गया है। गुरुवार को तारतर गांव में बड़े बाहुबली नेता दुलारचंद यादव की हत्या से बिहार का राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है।
जानकारी के अनुसार, दुलारचंद यादव जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। इस दौरान गोली मारने और उसके बाद गाड़ी से कुचलने की बात सामने आई है।
मृतक के परिजनों ने जेडीयू प्रत्याशी छोटे सरकार उर्फ अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर सिंह और कर्मवीर सिंह सहित पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
दुलारचंद के पोते के बयान पर पुलिस ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
हालांकि अनंत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “विपक्ष की साजिश” बताया है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस घटना से न केवल मोकामा बल्कि पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि दोनों ही पक्षों के बीच जातीय और राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जन सुराज पार्टी नेता दुलार चंद यादव की मौत पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, गोली नहीं बनी मौत की वजह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मोकामा में जन सुराज पार्टी के नेता दुलार चंद यादव की मौत को लेकर आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। डॉक्टर अजय कुमार के अनुसार, यादव को पैर में गोली तो लगी थी, लेकिन गोली आर-पार निकल गई, शरीर में फंसी नहीं थी। रिपोर्ट में पाया गया कि उनके हाथ, सीना और कंधे की हड्डियां टूटी हुई थीं, जिससे आशंका जताई गई है कि मौत दबने या अंदरूनी चोटों के कारण हुई है, गोली लगने से नहीं।
डॉक्टरों ने बताया कि शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं और एंकल ज्वाइंट के पास गोली का निशान मिला है। एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। मेडिकल बोर्ड ने कहा कि यादव को किसी भारी वस्तु से चोट लगी हो सकती है या गिरने के कारण अंदरूनी क्षति हुई होगी।
गौरतलब है कि गुरुवार को दो गुटों के बीच झड़प के दौरान दुलार चंद यादव घायल हुए थे और उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था।
पटना ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यादव की मौत वाहन से कुचले जाने से हुई है। आरोपियों की तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
घटना पर राजद प्रत्याशी वीणा देवी, उनके पति सूरजभान सिंह और सांसद पप्पू यादव ने शोक व्यक्त किया और मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की।
पत्थरबाजी में घायल हुईं राजद प्रत्याशी सूरजभान की पत्नी बीना देवी
मोकामा में जनसंपर्क के दौरान असामाजिक तत्वों ने किया हमला, इलाके में तनाव
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मोकामा। विधानसभा उपचुनाव के बीच शनिवार को रजत पार्टी प्रत्याशी सूरजभान सिंह की पत्नी बीना देवी पर जनसंपर्क अभियान के दौरान पत्थर फेंके जाने की घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, बीना देवी जब अपने समर्थकों के साथ इलाके में प्रचार कर रही थीं, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर पत्थर फेंक दिए। इस हमले में उन्हें हल्की चोटें आईं। सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
राजद प्रत्याशी सूरजभान सिंह ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “जनता का समर्थन देखकर विपक्ष बौखला गया है। हम डरने वाले नहीं हैं।”
घटना के बाद एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

