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    Home » पेरिस समझौते के 10 साल हमें ये सिखाते हैं कि जलवायु कार्रवाई नीति नहीं, प्रक्रिया है।
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    पेरिस समझौते के 10 साल हमें ये सिखाते हैं कि जलवायु कार्रवाई नीति नहीं, प्रक्रिया है।

    News DeskBy News DeskOctober 9, 2025No Comments1 Min Read
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    पेरिस समझौते के 10 साल हमें ये सिखाते हैं कि जलवायु कार्रवाई नीति नहीं, प्रक्रिया है।
    यह किसी एक विभाग का काम नहीं—यह समाज, उद्योग, सरकार और नागरिक, सबकी साझी ज़िम्मेदारी है।

    DDP रिपोर्ट का निष्कर्ष कहता है कि अब देशों को तीन कामों पर ध्यान देना होगा:

    1. विज्ञान-आधारित और समावेशी नीति निर्माण, जिसमें उद्योग, नागरिक और वित्त जगत साथ आएँ।

    2. छोटी नीतियों का बड़ा असर, यानी हर अल्पकालिक नीति दीर्घकालिक लक्ष्यों से जुड़ी हो।

    3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नया ढांचा, जो सिर्फ़ सहायता नहीं बल्कि साझी रणनीति पर टिका हो।

    भारत के लिए रास्ता साफ़ है, मुश्किल भी

    भारत के पास अब दो रास्ते हैं:
    या तो वही पुराने ढर्रे पर चलकर “विकास बनाम जलवायु” की बहस में उलझा रहे, या फिर जलवायु कार्रवाई को विकास की मुख्यधारा बना दे।

    आने वाले दस साल यही तय करेंगे कि भारत सिर्फ़ “प्रतिबद्ध देश” रहेगा या “प्रेरक शक्ति” बनेगा।

    क्योंकि जैसा कि रिपोर्ट कहती है-
    “अगला दशक वह होगा जिसमें महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि कार्रवाई ही इतिहास लिखेगी।”

    पेरिस समझौते के 10 साल हमें ये सिखाते हैं कि जलवायु कार्रवाई नीति नहीं प्रक्रिया है।
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