गिरिडीह 4 जुलाई से लापता नीरज हाजरा का शव जंगल से बरामद, आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम कर की फांसी की मांग
राष्ट्र संवाद संवादाता
गिरिडीह। जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के भीखोडीह गांव निवासी नीरज हाजरा, जो बीते 4 जुलाई से लापता थे, उनका शव बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा जंगल से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। शव मिलने की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने जमुआ–पचंबा मुख्य मार्ग पर चितरडीह पहाड़ी के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारी मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि नीरज हाजरा की हत्या की गई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि नीरज 4 जुलाई से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में उनका शव बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा जंगल से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। जमुआ पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप दास स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता करते रहे और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा तथा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नेता कामेश्वर पासवान भी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया तथा प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल प्रशासन प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता कर जाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है। क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि शव मिलने के मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन और ग्रामीण दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।

