छुट्टियों के दिन भी पीड़ित मानवता की सेवा से जुड़े रहते हैं टाटा स्टील कर्मी विभाष शुक्ला
जमशेदपुर:छुट्टियां परिवार के लिए खुशियां बढाने में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं लेकिन पीड़ित मानवता की सेवा के पुजारियों के लिए इससे ज्यादा मायने यह भी रखती हैं कि उनकी एक ना के कारण किसी परिवार के वर्षों की खुशियां न छिन जाएं, इसलिए वे छुट्टियों के दिन भी पीड़ित मानवता की सेवा से जुड़े रहते हैं, ऐसे ही टाटा स्टील कर्मी विभाष शुक्ला हैं, जिन्होने अब तक 27 बार जरूरतमंद लोगों की जीवन रक्षा के लिए रक्तदान, एसडीपी और कोरोना के प्रभाव से मुक्त होने के बाद प्लाज्मा दान किया। 26 जनवरी की सुबह जब श्री विभाष शुक्ला को ज्ञात हुआ कि एक मरीज को सिंगल डोनर प्लेटलेट की आवश्यकता है तो उन्होने अपनी व्यस्तता के बीच इस कार्य को सर्वोपरि रखा और अपना प्लेटलेट टेस्ट कराया, इससे पूर्व उन्होने छह बार अपना प्लेटलेट दान किया था, उनके प्लेटलेट की मात्रा उपयुक्त निकलने पर उन्होने जरूरतमंद रोगी के लिए अपना प्लेटलेट दान किया, जैसा कि आप जानते हैं कि एफेरेसिस डोनेशन की प्रक्रिया में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है ओर टेस्ट के लिए अलग से समय निकालना पड़ता है। लेकिन टाटा वर्कर्स् यूनियन के चुनाव में अपनी सहभागिता के बावजूद उन्होने एसडीपी डोनेशन के लिए सारी चीजों को दरकिनार किया और अपना पूरा समय देकर एक जरूरतमंद के लिए अपना एसडीपी दान किया।

