राष्ट्र संवाद संवाददाता
लगभग 395.15 करोड़ रुपये की लागत वाली आदित्यपुर शहरी जलापूर्ति योजना शुभारंभ के आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरी है। विगत 4 दिसंबर’ 2018 को शुरू हुई इस योजना को 3 दिसंबर’2021 तक पूरा होना था। लेकिन बार-बार मिले एक्सटेंशन के बावजूद काम अब तक लंबित है। इस देरी को लेकर आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति द्वारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आदित्यपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 30 एमएलडी क्षमता के सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा 60 एमएलडी क्षमता के सांपड़ा फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जाना है।वर्तमान स्थिति के अनुसार, सीतारामपुर प्लांट का काम तो लगभग पूरा हो चुका है, परंतु सांपड़ा फिल्टर प्लांट अभी मात्र 60 प्रतिशत ही तैयार हो सका है। इसके अतिरिक्त, पुरानी व्यवस्था के रखरखाव के लिए एजेंसी जिंदल को प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। एजेंसी जिंदल द्वारा सीतारामपुर प्लांट से आदित्यपुर-2 क्षेत्र में 15 जुलाई 2026 तक और सांपड़ा प्लांट से आदित्यपुर-1 व गम्हरिया क्षेत्र में दिसंबर 2026 तक जलापूर्ति शुरू करने का दावा किया गया है।आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति के पुरेंद्र ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि 15 जुलाई तक हर हाल में आदित्यपुर-2 में जलापूर्ति प्रारंभ की जाए, अन्यथा एक जोरदार और चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही, योजना की वास्तविक स्थिति, बढ़ती लागत और गुणवत्ता को स्पष्ट करने के लिए एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करने की मांग भी की गई है। इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा। इस अवसर पर राजद युवा जिला अध्यक्ष उदित यादव, देव प्रकाश, सत्येंद्र प्रभात, अधिवक्ता संजय कुमार, संजय यादव, प्रमोद गुप्ता, दिलीप मंडल, नील माधव घोष, राजेश कुमार यादव, प्रिंस कुमार राय, भुनेश्वर यादव, ओम प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, सोनू पासवान समेत कई लोग उपस्थित थे।

