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    स्टारलिंक के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच का प्रदर्शन, एलन मस्क का पुतला फूंका

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 3, 2026No Comments3 Mins Read
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    स्टारलिंक के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच का प्रदर्शन
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    झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में इन दिनों राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का मुद्दा गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में स्वदेशी जागरण मंच के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क और उनकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ तीखी नारेबाजी की, बल्कि एलन मस्क का पुतला दहन कर केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी भी दी है कि देश के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्टारलिंक के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच का प्रदर्शन

    स्थानीय रिपोर्टिंग के अनुसार, यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मंच के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका संगठन किसी भी तकनीकी प्रगति या सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के खिलाफ नहीं है, लेकिन जब बात देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की आती है, तो कोई रियायत नहीं दी जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टारलिंक जैसी विदेशी कंपनियों का तकनीकी नियंत्रण और पूरा सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की सीमा के भीतर ही होना चाहिए।

    मंच का साफ तौर पर मानना है कि यदि नेटवर्क ग्रिड और सर्वर भारत के अधीन नहीं होंगे, तो भविष्य में देश की सुरक्षा व्यवस्था पर संकट मंडरा सकता है। कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटित घटनाओं का हवाला देते हुए अपनी बात को और मजबूत किया। वैश्विक मामलों के जानकारों की मानें तो तकनीकी संप्रभुता आज के समय में हर देश के लिए सर्वोपरि होनी चाहिए, खासकर जब बात उपग्रह आधारित संचार प्रणालियों की हो।

    यूक्रेन और म्यांमार का दिया गया उदाहरण

    विरोध प्रदर्शन के दौरान मनोज सिंह ने यूक्रेन युद्ध, ईरान और म्यांमार जैसे देशों का उदाहरण देते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपातकालीन या युद्ध जैसी परिस्थितियों में यदि इंटरनेट सेवाओं में अचानक मनमाने बदलाव किए जाएं या उन्हें बाधित किया जाए, तो किसी भी देश के लिए भारी संकट खड़ा हो सकता है। भारत जैसा विशाल और संवेदनशील लोकतंत्र ऐसी किसी भी संभावित विदेशी दखलंदाजी का जोखिम नहीं उठा सकता है।

    इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा देखा गया कि अमेरिकी उद्यमी एलन मस्क द्वारा पूर्व में भारत के संवैधानिक पदों और देश के शीर्ष नेतृत्व के संबंध में कथित टिप्पणियां की गई थीं। मंच के सदस्यों ने दो टूक कहा कि जो व्यक्ति या कंपनी भारत के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थानों और नेतृत्व का सम्मान नहीं करती, उसे देश की धरती पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की अनुमति कतई नहीं दी जानी चाहिए।

    उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

    इस पूरे घटनाक्रम के अंत में, स्वदेशी जागरण मंच के प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए बिना और कड़े प्रावधान तय किए बिना स्टारलिंक को भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने का लाइसेंस न दिया जाए।

    मंच ने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी इन जायज मांगों और भारतीय सुरक्षा शर्तों को दरकिनार करते हुए कंपनी को जल्दबाजी में अनुमति दी गई, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरे देश में और अधिक तीव्र गति से चलाया जाएगा। स्थानीय जनता भी अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि केंद्र सरकार इस संवेदनशील मामले पर क्या रुख अपनाती है।

    एलन मस्क जमशेदपुर न्यूज राष्ट्रीय सुरक्षा स्टारलिंक स्वदेशी जागरण मंच
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