Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर लोकतांत्रिक संस्था के लिए नजीर: सुधीर कुमार पप्पू
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर लोकतांत्रिक संस्था के लिए नजीर: सुधीर कुमार पप्पू

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 3, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर लोकतांत्रिक संस्था के लिए नजीर: सुधीर कुमार पप्पू

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर। जमशेदपुर बार एसोसिएशन के वरीय सदस्य सुधीर कुमार पप्पू ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा की कार्यशैली को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का स्वागत किया है। इस अधिवक्ता के अनुसार यह न केवल बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बल्कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के हर संगठन, संस्था, ट्रस्ट और सोसायटी के लिए भी नजीर है, जहां चेयरमैन, अध्यक्ष या सचिव कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद भी पद पर बने रहते हैं और कार्यकारिणी की अनदेखी कर तानाशाही तरीके से मनमाने फैसले लेते हैं।

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जिस तरह पूरी कार्यकारिणी की अनदेखी कर निवेश तथा अन्य नीतिगत फैसले ले रहे थे, वह किसी भी लोकतांत्रिक देश या लोकतांत्रिक संस्था में संभव ही नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाला बागची एवं न्यायमूर्ति वी मोहाना की पीठ ने स्पष्ट किया कि मनन कुमार मिश्रा लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए स्थायी अध्यक्ष नहीं हैं, बल्कि वे केवल कार्यवाहक (प्रोटेम) चेयरमैन हैं। नई बीसीआई के गठन तक उनका अधिकार केवल दैनिक कामकाज संभालने तक सीमित रहेगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि बीसीआई को अब कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला लेने से पहले भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से परामर्श करना होगा, और उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी होगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल के चुनाव और गठन के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की है। इसके पूरा होने के बाद ही बीसीआई के पुनर्गठन पर विचार किया जाएगा।

    इस मामले में निर्देशों के पालन की स्थिति देखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 तय की है।

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर लोकतांत्रिक संस्था के लिए नजीर: सुधीर कुमार पप्पू
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविधायक संजीव सरदार के निर्देश पर प्रशासन एक्शन में, कोवाली–डुमरिया मुख्य मार्ग की मरम्मत शुरू
    Next Article प जै स शिशु विद्या मंदिर में राधा कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजित

    Related Posts

    टाटा पावर ने एनसीआर के बिजली ढांचे को दी मजबूती, 400 KV जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन कॉरिडोर शुरू

    September 3, 2026

    टाटा स्टील का बोनस समझौता हुआ 25,603 कर्मचारियों के बीच वितरित होंगे 315 करोड़ रुपये

    September 3, 2026

    कोल्हान की आवाज को मिला निरंतर नेतृत्व, विजय आनंद मूनका फिर निर्विरोध चुने गए FJCCI क्षेत्रीय उपाध्यक्ष

    September 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टाटा पावर ने एनसीआर के बिजली ढांचे को दी मजबूती, 400 KV जलपुरा-खुरजा ट्रांसमिशन कॉरिडोर शुरू

    टाटा स्टील का बोनस समझौता हुआ 25,603 कर्मचारियों के बीच वितरित होंगे 315 करोड़ रुपये

    कोल्हान की आवाज को मिला निरंतर नेतृत्व, विजय आनंद मूनका फिर निर्विरोध चुने गए FJCCI क्षेत्रीय उपाध्यक्ष

    बेरमो विधायक अनुप सिंह का जिला कांग्रेस ने किया स्वागत

    घाटशिला में दावा-आपत्ति स्थलों का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

    साहस और वीरता को मिला सम्मान, धनबाद के तीन SI बने इंस्पेक्टर

    एसआईआर दावा-आपत्ति को लेकर कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर, बूथ स्तर पर मतदाताओं की मदद का आह्वान

    फर्जी फिजियोथेरेपी क्लीनिक की आड़ में नर्सिंग होम चलाने का आरोप, फरार चिकित्सक डॉ. एनके सिन्हा देवघर से गिरफ्तार

    निखार सबलोक हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, यूपी के दो कथित शूटर हथियार के साथ गिरफ्तार

    PNM और OSL की मनमानी से केरेडारी-टंडवा मुख्य सड़क पर जाम, ब्लैकलिस्ट करने की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.