भगवान सिंह नहीं, क़ौम के बारे में सोचें प्रधान : कुलबिंदर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने कोल्हान के सभी स्थानीय गुरुद्वारों के प्रधान से आग्रह किया है कि वे सरदार भगवान सिंह के हित में कदम उठाने की बजाय क़ौम के भलाई के बारे में सोचें। क़ौम एवं संगत की चढ़दी कला के लिए बड़े फैसले लेने पड़ते हैं। चेहरे, रिश्तेदारी, नातेदारी, रसूख, सरमायेदार, मित्र की अनदेखी करनी पड़ती है।
स्थानीय गुरुद्वारों के प्रधान प्रभाव में आकर भगवान सिंह को प्रधान बनने के लिए समर्थन पत्र लिख रहे हैं। वे समझ लें कि उन्हें कौम, सिखी एवं इसके सिद्धांत तथा रहत मर्यादा से लगाव नहीं है। समर्थन में पत्र लेने के लिए तर्क दिया जा रहा है कि सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्यालय के विशाल भवन को देख लीजिए। कुलबिंदर सिंह के अनुसार क़ौम की बुनियाद सिद्धांत और असूल होता है, भवन नहीं। भगवान सिंह पर शहर की एक महिला ने दुष्कर्म करने तथा अश्लील वीडियो तैयार करने का आरोप लगा रखा है। इस पर न्यायालय क्या फैसला लेती है, सभी की नजर है।
यदि भगवान सिंह के खिलाफ संज्ञान लिया गया और सम्मन जारी हुआ तो कौम और संगत उन प्रधानों को कभी माफ नहीं करेगी जो अभी बढ़-चढ़कर समर्थन पत्र दे रहे हैं। कुलविंदर सिंह ने रहत मर्यादा का हवाला देते हुए कहा कि सिख पंथ में पर नारी गमन सबसे बड़ा अपराध है और उस पाप के भागीदार बनने से लोकल प्रधान नहीं बचेंगे। इसलिए समर्थन पत्र देने की बजाय भगवान सिंह को सलाह दें कि वह जाकर मानगो में अगले तीन साल की और सेवा करें, वहां बारह साल सेवा का इतिहास बनाएं और सेन्ट्रल कमेटी को बख्श दें।

