लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
चौका थाना में परेड का आयोजन
अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था को लेकर सरायकेला पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। एसपी मनोज स्वर्गीयारी के निर्देश पर चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार ने थाना क्षेत्र के दागी एवं निगरानीशुदा अपराधियों की परेड कराई। इस दौरान पुलिस ने अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि आपराधिक गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा जेल जाने के लिए तैयार रहें।
थाना प्रभारी ने परेड में शामिल अपराधियों को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं होने तथा पुलिस की निगरानी में सहयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की नजर थाना क्षेत्र के सभी दागी एवं सक्रिय अपराधियों पर है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने बाजार क्षेत्र एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर पैदल गश्ती की। इस दौरान हुड़दंग करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस ने दुकानदारों एवं व्यवसायियों से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस की सक्रियता से असामाजिक तत्वों में हड़कंप है।
अधिक जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित परेड और गश्ती से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत थाना प्रभारी गौरव कुमार ने ग्राम पंचायतों के साथ बैठकें आयोजित कीं, जिसमें नागरिकों से सहयोग की अपील की गई।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में सरायकेला जिले में चोरी और लूट की घटनाओं में 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित नजर रखी जा सके।
पुलिस ने युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए खेलकूद और कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी कानून का सम्मान करे।
भविष्य में भी सरायकेला पुलिस इसी तरह की सख्ती और सामुदायिक सहभागिता बनाए रखेगी। नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था कायम रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की दृश्यमान उपस्थिति और समुदाय के साथ निरंतर संवाद ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी उपाय है। झारखंड सरकार ने भी पुलिस बल को संसाधन और प्रशिक्षण प्रदान करने की घोषणा की है, जिससे कानून-व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी।

