लेखक: राजेश कुमार
बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत इटवा स्थित सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल की ओर से एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसने शिक्षा जगत के दिग्गजों को एक मंच पर ला खड़ा किया। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन का अवसर बना, बल्कि समाज निर्माण में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित करने का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।
शिक्षक सम्मान समारोह के मुख्य आकर्षण
सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल, इटवा की ओर से बेगूसराय स्थित एक होटल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन ब्यूटी सिंह, मंजु सनगही एवं समाजसेवी किरण जायसवाल के सौजन्य से किया गया. समारोह में जिले के कई गणमान्य शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया. समारोह को संबोधित करते हुए सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल की चेयरपर्सन मंजु सनगही ने कहा कि शिक्षक समाज के दर्पण और राष्ट्र निर्माता होते हैं, जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान नहीं होता, कार्यक्रम को वरीय शिक्षक भगवान दास, ब्यूटी सिंह, किरण जायसवाल समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया.
इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को माला, शॉल एवं पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया गया. समारोह में सबसे वरीय शिक्षक के रूप में भगवान दास, विशिष्ट शिक्षक मनोज कुमार तथा साहित्यकार डॉ भगवान प्रसाद सिन्हा एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री प्रभा कुमारी को सम्मानित किया गया।
समाज निर्माण में शिक्षकों की अविस्मरणीय भूमिका
चेयरपर्सन मंजु सनगही ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक ही समाज के वास्तविक शिल्पकार होते हैं। उनके बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान नहीं होता, वह समाज कभी भी उन्नति के पथ पर अग्रसर नहीं हो सकता। इस विचारोत्तेजक वक्तव्य ने उपस्थित सभी श्रोताओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शिक्षक भगवान दास ने अपने आशीर्वचन में नई पीढ़ी के शिक्षकों को नैतिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा के साथ शिक्षण कार्य करने की प्रेरणा दी। वहीं, समाजसेवी किरण जायसवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।
साहित्य और शिक्षा का अद्भुत संगम
इस शिक्षक सम्मान समारोह की एक विशेषता यह भी रही कि इसमें शिक्षा के साथ-साथ साहित्य जगत की विभूतियों को भी समान सम्मान दिया गया। साहित्यकार डॉ भगवान प्रसाद सिन्हा और सुप्रसिद्ध कवयित्री प्रभा कुमारी को सम्मानित कर आयोजकों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और साहित्य एक-दूसरे के पूरक हैं। साहित्य समाज का दर्पण है और शिक्षक उस दर्पण को स्वच्छ रखने का कार्य करते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ब्यूटी सिंह ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल द्वारा उठाया गया यह कदम अनुकरणीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन होते रहेंगे, जिससे शिक्षक समुदाय में नई ऊर्जा का संचार होता रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए आयोजन समिति के सदस्यों ने आगत अतिथियों का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे आयोजन न केवल सम्मानित होने वाले शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी शिक्षण पेशे के प्रति आकर्षित करते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप शिक्षक दिवस का महत्व पढ़ सकते हैं।

