लेखक: नितेश सिंह राजपूत
विश्वकर्मा पूजा के दौरान गोलीबारी की एक सनसनीखेज घटना बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आई है, जहां प्रसाद मांगने को लेकर हुए मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
जिले के बखरी थाना क्षेत्र के करईटांड गांव में विश्वकर्मा पूजा के दौरान गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। प्रसाद मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने दूसरे युवक को गोली मार दी।
घायल की पहचान करईटांड निवासी अमोल महतो के रूप में हुई है। गोली उनके दाहिने जांघ में लगी है। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल बेगूसराय में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस को दिए फर्दबयान के मुताबिक अमोल महतो अपने घर के सामने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर ट्रैक्टर की पूजा कर रहे थे। उसी समय पहसारा गांव निवासी माधो महतो का पुत्र सुशील कुमार बाइक से वहां पहुंचा और प्रसाद मांगने लगा। जब उसे पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद लेने को कहा गया तो वह आक्रोशित हो गया और अचानक फायरिंग कर दी।
गोली लगते ही अफरा-तफरी मच गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीणों को आते देख आरोपी अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बखरी कुंदन कुमार ने घटनास्थल और सदर अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी की बाइक को जब्त कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
विश्वकर्मा पूजा के दौरान गोलीबारी से ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद से पूरे करईटांड गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विश्वकर्मा पूजा जैसे पावन अवसर पर इस तरह की हिंसक घटना बेहद निंदनीय है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बिहार में त्योहारों के दौरान छिटपुट हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन पूजा पंडाल या घर के सामने पूजा के दौरान प्रसाद जैसी छोटी सी बात पर गोलीबारी चिंता का विषय है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुशील कुमार का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।
घायल अमोल महतो की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि गोली जांघ को छूकर निकल गई है, जिससे कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। परिजनों ने बताया कि अमोल महतो बेहद शांत स्वभाव के हैं और गांव में किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण बिहार में अवैध हथियारों की उपलब्धता और छोटे-मोटे विवादों में उनके इस्तेमाल की प्रवृत्ति को उजागर किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की भी जरूरत है। अधिक जानकारी के लिए आप बेगूसराय जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुंदन कुमार ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून को अपना काम करने देने की अपील की है।
