लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
गुरुवार को संत रविदास जयंती के शुभ अवसर पर महादलित टोला में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन कर प्रशासन ने महादलित समुदाय को बड़ी राहत पहुंचाई है। खोदावंदपुर प्रखंड के सागी पंचायत अंतर्गत नुरुल्लाहपुर गांव में लगे इस शिविर में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के द्वार तक पहुंचाने की पहल की गई।
शिविर में 100 आवेदनों का हुआ ऑन-स्पॉट निष्पादन
खोदावंदपुर, बेगूसराय। संत रविदास जयंती के अवसर पर गुरुवार को सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर गांव स्थित महादलित मुहल्ले में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में महादलित समुदाय के लोगों की विभिन्न समस्याओं एवं जरूरतों को लेकर आवेदन प्राप्त किए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
इसकी जानकारी देते हुए बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा ने बताया कि शिविर में कुल 100 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें अधिकांश आवेदन जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र से संबंधित थे. संबंधित विभागों के कर्मियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर कई आवेदनों का ऑन-स्पॉट निष्पादन किया गया।
महादलित टोला में विशेष सहयोग शिविर का उद्देश्य
उन्होंने बताया कि इस तरह के शिविर का उद्देश्य महादलित बस्तियों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं एवं आवश्यक सेवाओं का लाभ उनके मुहल्ले में ही उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यह पहल बिहार सरकार के सुशासन के संकल्प को दर्शाती है जहां प्रशासन जनता के दरवाजे तक पहुंचकर उनकी पीड़ा सुन रहा है।
शिविर में बीडीओ के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी, पंचायत सेवक, पंचायत रोजगार सेवक, कृषि सलाहकार सहित अन्य संबंधित कर्मी मौजूद थे। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें अपने गांव में ही प्रमाण-पत्र बनवाने की सुविधा मिली है।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
शिविर के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, कन्या विवाह योजना तथा कृषि अनुदान जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बीडीओ वर्मा ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें, सीधे प्रखंड कार्यालय या ऐसे शिविरों में संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
संत रविदास जयंती के मौके पर आयोजित इस शिविर ने सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। संत रविदास ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर समता-मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया था। उसी कड़ी में यह प्रशासनिक प्रयास महादलित समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में ऐसे और शिविर लगाने की मांग की।
बिहार सरकार के महादलित विकास मिशन के तहत इस तरह के शिविरों का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य अनुसूचित जाति एवं महादलित समुदाय के लोगों को सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है। खोदावंदपुर प्रखंड में पूर्व में भी ऐसे शिविर लगाए गए हैं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
ग्रामीण रामबली पासवान ने बताया कि पहले प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था जिसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। आज गांव में ही कैंप लगने से हमारा जन्म प्रमाण-पत्र तुरंत बन गया। इसी तरह गीता देवी ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन दिया और उन्हें तत्काल पावती रसीद मिल गई।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क जांच शिविर भी लगाया गया था जहां डॉक्टरों ने ग्रामीणों की ब्लड प्रेशर, शुगर की जांच की और निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं। आईसीडीएस की सेविकाओं द्वारा बच्चों का वजन मापा गया और कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने की सलाह दी गई।
कृषि विभाग के स्टॉल पर किसानों को मिट्टी जांच, बीज अनुदान एवं कृषि यंत्रीकरण योजना की जानकारी दी गई। कृषि सलाहकार ने किसानों को श्रीविधि से धान की खेती करने तथा जैविक खाद के प्रयोग हेतु प्रेरित किया। इस बहुआयामी शिविर ने वास्तव में सुशासन की अवधारणा को जमीन पर उतारने का काम किया है।

